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मैं भी समर्थ हूं: रायपुर जिले में कृषि नवाचार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने की अभिनव पहल

व्यवसाय खबर से सीईओ कुमार विश्वरंजन ने कहा किसानों को उद्यमी के रूप में विकसित करना ही एक मात्र उद्देश है

रायपुर। कृषि नवाचार और ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के कुशल दिशा-निर्देशन में रायपुर जिले ने एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाया है। मैं भी समर्थ हूं नामक यह अभिनव कार्यक्रम किसानों, महिला समूहों और संभावित उद्यमियों को तकनीकी मार्गदर्शन, बाज़ार से जोड़ने, और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने का मंच प्रदान करता है।https://vyavasaykhabar.com/i-am-also-capable-an-innovative-initiative-to-promote-agricultural-innovation-and-rural-entrepreneurship-in-raipur-district/

हर शनिवार शाम 7 से 8 बजे तक वर्चुअल संवाद
यह पहल जिला पंचायत रायपुर द्वारा प्रोजेक्ट उद्यमी के तहत शुरू की गई है, जो हर शनिवार शाम 7 से 8 बजे तक वर्चुअल संवाद के रूप में आयोजित की जाती है। इस संवाद में देश के अग्रणी वैज्ञानिक, कृषि विशेषज्ञ और सफल उद्यमी सीधे जुड़कर किसानों की समस्याओं का समाधान करते हैं।

प्रथम संवाद सत्र में विशेष सहभागिता
22 सितम्बर को आयोजित प्रथम सत्र में रायपुर जिले के 52 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी की। इसमें ICAR-CHES, भुवनेश्वर के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. पी. श्रीनिवास, विज्ञान संचारक लक्ष्मीनारायण बोक्सी, जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री कृष्णा नायक, एकीकृत खेती के विशेषज्ञ श्री शितिकांत बेहरा, और जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार विश्वरंजन ने सहभागिता की।

व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया
उद्यमी हुलेशिया वर्मा, रतना वर्मा और पिंकी पटेल द्वारा पपीता नर्सरी, मूली व कंद फसलों में कीट व रोग नियंत्रण, जैविक उपचार, उन्नत बीज चयन, मृदा प्रबंधन एवं विपणन से जुड़ी समस्याओं को उठाया गया, जिनका विशेषज्ञों ने सटीक और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री और प्रशासन की दूरदर्शी पहल

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में किसानों और ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में ठोस प्रयास हो रहे हैं। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिले ने इस दिशा में मैं भी समर्थ हूं जैसे कार्यक्रम के माध्यम से एक स्थायी और व्यवहारिक मॉडल प्रस्तुत किया है, जो न केवल किसानों को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि उन्हें आधुनिक कृषि और बाजार की दिशा में भी अग्रसर करेगा।

सीईओ कुमार विश्वरंजन

व्यवसाय खबर से सीईओ कुमार विश्वरंजन की बात
चर्चा के दौरान कहा कि यह संवाद श्रृंखला न केवल कृषि तकनीकों का आदान-प्रदान है, बल्कि यह किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, एफ.पी.ओ. पदाधिकारियों और युवाओं को सुनो, समझो और आगे बढ़ो की भावना से जोड़ने का एक मंच है। आने वाले हफ्तों में इस कार्यक्रम के माध्यम से हजारों ग्रामीण लाभान्वित होंगे। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देना और किसानों को उद्यमी के रूप में विकसित करना है।

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