रायपुर। बीजापुर जिले के अत्यंत सुदूर और घने वनांचल ग्राम कोंडापल्ली में पहली बार मोबाइल नेटवर्क पहुँचते ही गाँव में ऐसा उत्साह देखने को मिला, मानो कोई बड़ा पर्व मनाया जा रहा हो।
तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा पर बसे इस गाँव में वर्षों से सड़क, बिजली, पानी और संचार जैसी मूलभूत सुविधाएँ नहीं थीं। ऐसे में मोबाइल टॉवर का सक्रिय होना ग्रामीणों के लिए एक तकनीकी सुविधा से बढ़कर, बाहरी दुनिया से वास्तविक जुड़ाव का प्रतीक बन गया।
ऐतिहासिक पल का उत्सव साझा कियानेटवर्क शुरू होने की घोषणा होते ही महिलाएँ, बच्चे और बुजुर्ग रैली की शक्ल में टॉवर स्थल पहुँचे। पारंपरिक पूजा-अर्चना के बाद माँदर की थाप पर ग्रामीण झूम उठे। आसपास के गाँवों के लोग भी इस खुशी में शामिल हुए। सुरक्षा बलों के जवानों ने भी ग्रामीणों के साथ मिठाइयाँ बाँटकर इस ऐतिहासिक पल का उत्सव साझा किया।
मोबाइल नेटवर्क के शुरू होने से अब ग्रामीणों के लिए बैंकिंग, आधार सेवाएँ, पेंशन, स्वास्थ्य योजनाएँ, राशन व्यवस्था और शैक्षणिक सुविधाएँ आसानी से उपलब्ध होंगी। लंबे समय से इन सेवाओं से वंचित लोगों के लिए यह सुविधा जीवन का नया अध्याय खोल रही है।
449 टॉवरों को 4G में अपग्रेड किया गया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित नियद नेल्ला नार योजना ने इस बदलाव की गति को और तेज किया है। योजना के तहत 69 नये कैम्पों के आसपास के 403 गाँवों में सड़क, बिजली, संचार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में 728 नए मोबाइल टॉवर लगाए गए हैं और 449 टॉवरों को 4G में अपग्रेड किया गया है।

कोंडापल्ली में दो महीने पहले पहली बार बिजली पहुँचीकोंडापल्ली में दो महीने पहले पहली बार बिजली पहुँची, जिससे बच्चों की पढ़ाई, छोटे व्यवसाय और दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं। BRO द्वारा 50 किमी सड़क निर्माण भी तेज़ी से जारी है।

कोंडापल्ली में मोबाइल नेटवर्क का आगमन न केवल विकास का संकेत है, बल्कि उन सपनों का उठ खड़ा होना है जो वर्षों से अंधेरे और अलगाव में दबे हुए थे। अब यह गाँव भी आधुनिक सुविधाओं से जुड़कर नई उम्मीदों की ओर बढ़ रहा है।







