-दोनों फेफड़ों है संक्रमण, इलाज के लिए गठित की गई डॉक्टरों की विशेष टीम
“सबसे गरीब आदमी की सबसे कठिन बीमारी के लिए सबसे बड़ा विशेषज्ञ डॉक्टर आए जिसकी सबसे अधिक फीस हो…”
रायपुर।प्रख्यात हिंदी साहित्यकार एवं ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित विनोद कुमार शुक्ल की ये पंक्तियाँ आज केवल कविता नहीं, बल्कि हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक तीखा प्रश्न बनकर खड़ी हैं। विडंबना यह है कि आम आदमी की पीड़ा को शब्द देने वाला कवि आज स्वयं बेहतर इलाज की आवश्यकता से जूझ रहा है। इस मामले में राज्य सरकार व रायपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) पर भी निशाना साधा जा रहा है।
विडंबना देखिए कि जिस कवि ने जीवन भर साधारण आदमी के दुःख, गरीबी, पीड़ा और मानवीय गरिमा को शब्द दिए, वही आज स्वयं बेहतर इलाज की आवश्यकता से जूझ रहा है। और उसी समय, चर्चित चेहरों के साथ फोटो खिंचवाने की होड़, सोशल मीडिया पर बयानबाज़ी और श्रेय लेने की प्रतिस्पर्धा, हमारी संवेदनहीनता को उजागर कर रही है।
जनता के वोट से चुने गए जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता यह सवाल खड़ा करती है कि क्या व्यवस्था केवल चर्चित नामों पर ही जागती है?
मुद्दा किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस सिस्टम का है जहाँ “सबसे गरीब आदमी” के लिए अब भी सबसे बड़े डॉक्टर एक सपना ही हैं। विनोद कुमार शुक्ल की कविता आज आईना बन गई है—देखना यह है कि हम उसमें सच देख पाते हैं या नहीं।
चिकित्सा को गंभीरता से लें हालांकि ट्र्रोल हो रही बयानबाजी का उद्देश्य सिर्फ यही हैं कि विनोद कुमार शुक्ल जैसे महान कवि के इलाज के लिए भी सबसे बड़ा विशेषज्ञ डॉक्टर आए। छत्तीसगढ़ शासन उनकी चिकित्सा को गंभीरता से लें। आखिरकार विनोद कुमार शुक्ल जैसे कवि-लेखक छत्तीसगढ़ राज्य के लिए किसी गौरव से कम नहीं हैं। शासन की यह जिम्मेदारी बनती है।
स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर बुलेटिन जारी विनोद कुमार शुक्ल (89 वर्ष) का रायुपर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में इलाज चल रहा है। एम्स श्री शुक्ल के स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर बुलेटिन जारी किया है। इसमें बताया गया है कि उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर लेकिन स्थिर है। सांस लेने में कठिनाई के कारण भर्ती उल्लेखनीय है कि श्री शुक्ल को 02 दिसंबर को स्वास्थ्य में गिरावट, विशेषकर सांस लेने में कठिनाई के कारण भर्ती किया गया था। इससे पूर्व अक्टूबर में भी श्वसन संबंधी शिकायतों के कारण उनका उपचार एक निजी अस्पताल में हुआ था। वर्तमान में वे एम्स के एमआईसीयू में भर्ती हैं, जहां उन्हें वेंटिलेटर तथा ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।
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विनोद जी की जान बचाना बहुत जरूरी है।
rajkumar dhar Dwivedi ji bilkul sahi kaha aapne