रायपुर (छग.)। नगर में आयोजित काव्य संध्या में देशभक्ति, मातृभूमि प्रेम और शहीदों के बलिदान पर आधारित कविताओं की भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रम की शुरुआत कवि विरेन्द्र शर्मा ‘अनुज’ की पंक्तियों—
“चाहे पथ में आंधी आए,
या दुख के बादल छा जाएं।
मातृ भूमि की सेवा में तत्पर,
पथ पर अविचल बढ़ते जाएं।”
—से हुई, जिसने श्रोताओं में जोश और संकल्प का संचार किया।
श्रीमती रूनाली चक्रवर्ती ने
“गांधी, तिलक, सुभाष, जवाहर का प्यारा यह देश है,
अनेकता में एकता का देता यह संदेश है”
जैसी पंक्तियों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया और वंदे मातरम् के जयघोष से वातावरण को देशभक्ति से भर दिया।


कवयित्री वंदना ठाकुर की मार्मिक रचना
“एक नन्हीं मुन्नी पुजारन… भोर भई मंदिर आई है”
ने श्रोताओं को भावुक कर दिया।
वहीं सुषमा प्रेम पटेल ने अमर शहीदों को समर्पित रचना के माध्यम से कहा—
“अमर शहीदों की गाथा को, जन-जन तक पहुँचाना है”,
जिसे श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से सराहा।
काव्य संध्या में किशोर लालवानी, आराध्या शर्मा, शशिकरण वर्मा, अर्चना श्रीवास्तव, अंजु पाण्डेय, सुरेंद्र रावल, मनोज शुक्ला, डॉ. नौशाद अहमद सिद्दीकी, रामचंद्र श्रीवास्तव, हाजी रियाज खान गौहर, संजय कुमार पांडे, अनिल बरडिया, देव लाल साहू, मधु बिसोई, अश्विन शर्मा, एस.एन. जोशी, सरफराज, मंजूषा अग्रवाल, डॉ. मांगी लाल यादव, राकेश उपाध्याय, दिलीप पंजवानी सहित अनेक साहित्यप्रेमियों ने उपस्थिति दर्ज कर कार्यक्रम का आनंद लिया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के संदेश और शहीदों को नमन के साथ हुआ।







