रायपुर, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत कार्यरत जिला सक्ती की ग्रामीण महिलाएं इस दीपावली पर न सिर्फ सजावटी वस्तुएं बना रही हैं, बल्कि अपने हुनर और मेहनत से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई इबारत भी लिख रही हैं। ग्राम पलाड़ीखुर्द की राधा कृष्ण स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए “संगिनी” ब्रांड के आकर्षक गिफ्ट हैम्पर्स इस त्योहारी सीजन में खूब लोकप्रिय हो रहे हैं।
सुगंधित मोमबत्तियों से लेकर खूबसूरत पैकेजिंग तक – हर हैम्पर में झलकता है हुनर
संगिनी गिफ्ट हैम्पर में शामिल हैं – सुगंधित एवं डिज़ाइनर कैंडल्स, रंग-बिरंगे सजावटी उत्पाद, और खूबसूरती से तैयार पैकेजिंग, जो हर खरीदार को आकर्षित कर रही है। इस पहल की खास बात यह है कि हर उत्पाद पूरी तरह से हस्तनिर्मित है, जो इन महिलाओं की सृजनात्मकता और परिश्रम का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
प्रशिक्षण से लेकर बिक्री तक – जिला प्रशासन का सक्रिय सहयोग
समूह की सदस्य पुष्पा दीदी ने बताया कि उन्होंने और उनके साथियों ने आर-सेटी से डिज़ाइनर कैंडल निर्माण का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद यूट्यूब वीडियो के माध्यम से गिफ्ट हैम्पर बनाने का आइडिया विकसित हुआ। आज स्थिति यह है कि जिले की अनेक कंपनियों और संस्थानों से लगातार ऑर्डर मिल रहे हैं।

अब तक लगभग ₹60,000 के ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं, और 1.5 लाख से 2 लाख रुपये के व्यापार की संभावना जताई जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा उन्हें उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग में लगातार मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है।
आर्थिक मजबूती के साथ आत्मविश्वास में भी वृद्धि
पुष्पा दीदी बताती हैं, “पहले हमें संकोच होता था, लेकिन आज हम गर्व से अपने उत्पादों को बाजार में बेचते हैं। इससे हमें न केवल आय हुई है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा है।”
“संगिनी” बन रहा है प्रेरणा का प्रतीक
बिहान के तहत संचालित यह पहल न केवल स्थायी आजीविका और उद्यमिता के अवसर सृजित कर रही है, बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं की हुनर, नवाचार और सामूहिक शक्ति का उदाहरण भी बन चुकी है। “संगिनी” ब्रांड अब अन्य स्व-सहायता समूहों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रहा है।
✅ मुख्य बिंदु:
- गिफ्ट हैम्पर में डिज़ाइनर कैंडल्स, रंगोली, गुलाल, अचार आदि शामिल।
- अब तक ₹60,000 के ऑर्डर प्राप्त, ₹2 लाख तक के व्यापार की संभावना।
- महिलाओं को आर-सेटी से प्रशिक्षण, जिला प्रशासन से सतत सहयोग।
- आत्मनिर्भरता, आजीविका और सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल।







