19-20 नवंबर को दो दिवसीय आयोजन
रायपुर। भारतीय उद्योग परिसंघ(सीआईआई) छत्तीसगढ़ ने 19-20 नवंबर को दो दिवसीय सीआईआई एमएसएमई कान्क्लेव का आयोजन किया। इस कान्क्लेव में प्रदेश एवं आसपास के राज्यों के 450 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता, उत्पादकता और क्षमताओं को बढ़ावा देना था। इसका उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों में कार्यस्थल उत्कृष्टता तथा सुव्यवस्थित कार्य संस्कृति को सुदृढ़ करना था। इस प्रशिक्षण में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में चार नालेज-सत्रों के माध्यम से उद्योग अंतर्दृष्टि – कॉन्क्लेव में चार प्रमुख ज्ञान-सत्र आयोजित किए गए, जो एमएसएमई क्षेत्र की जरूरतों, चुनौतियों और विकास के अवसरों पर केंद्रित रहे 1. एमएसएमई विकास के लिए वित्तीय अवसर एवं चुनौतियां, 2. ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस पर उद्योग दृष्टिकोण, 3. सतत एमएसएमई विकास निर्यात एवं बाज़ार रणनीतियां, 4. एसएमई से बड़ी कंपनियों तक की यात्रा जिसमें छत्तीसगढ़ के चार प्रमुख उद्योगपतियों ने अपने अनुभव साझा किए।
प्रदर्शनी में 8 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी – कार्यक्रम के दौरान 8 से अधिक प्रदर्शकों द्वारा उन्नत तकनीक, आधुनिक मशीनरी और उत्पादकता बढ़ाने वाले उपकरण प्रदर्शित किए गए, जिससे एमएसएमई क्षेत्र में तकनीकी उन्नयन को प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, सीएसआईडीसी के चेयरमैन राजीव अग्रवाल, सीआईआई के चेयरमैन संजय जैन, वाइस चेयरमैन बजरंग गोयल आदि उपस्थित थे।







