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गुमटी से लेकर छोटे वाहन, मॉल सहित हर दुकानदार के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना होगा जरूरी, अन्यथा नहीं कर पाएंगे व्यवसाय

शासन ने जारी किए नए नियम 15 दिन में मिलेगी अनुज्ञप्ति

बिना ट्रेड-लाइसेंस के बिना नहीं कर पाएंगे व्यापार
-गुमटी से लेकर मॉल की दुकानों को लेना होगा लाइसेंस
-प्रदेश के 192 निकायों में नियम लागू

Every shopkeeper, from kiosks to small vehicles and malls, will be required to obtain a trade license; otherwise, they will not be able to do business.

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने नगरीय निकाय क्षेत्रों में व्यवसाय करने के लिए लाइसेंस (अनुज्ञप्ति) अनिवार्य कर दिया है। राज्य शासन ने ‘छत्तीसगढ़ नगरपालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम 2025 की अधिसूचना जारी कर दी है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

नए नियमों के तहत अब नगर निगम, नगरपालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में स्थायी दुकान, गुमटी, ठेला या छोटे वाहन के माध्यम से व्यापार करने वाले सभी को व्यापारिक लाइसेंस लेना जरूरी होगा। वहीं आवेदन करने के बाद 15 दिनों के भीतर अनुज्ञप्ति जारी की जाएगी। यदि निर्धारित अवधि में निर्णय नहीं हुआ, तो लाइसेंस स्वत: स्वीकृत माना जाएगा।

नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना
नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना, व्यापार बंद या परिसर सील करने की कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का उद्देश्य है कि नगरीय क्षेत्रों में व्यवसायिक गतिविधियों को विनियमित किया जाए और राजस्व संग्रह में पारदर्शिता लाई जा सके। लाइसेंस की अवधि समाप्त होने से एक वर्ष पहले नवीनीकरण अनिवार्य है। समय पर नवीनीकरण न कराने पर व्यवसायिक परिसर सील किया जा सकेगा।
क्षेत्र और सड़क की चौड़ाई के आधार पर शुल्क दरें
राज्य शासन ने व्यापारिक परिसरों के लिए शुल्क दरें इलाके और सड़क की चौड़ाई के आधार पर निर्धारित की हैं। जिसके अनुसार नगर निगम क्षेत्र में 4 रुपए प्रति वर्गफुट प्रति वर्ष अधिकतम 6 रुपए तक, नगरपालिका परिषद 3 रुपए प्रति वर्गफुट प्रति वर्ष अधिकतम 5 रुपए तक, नगर पंचायत 2 रुपए प्रति वर्गफुट प्रति वर्ष अधिकतम 4 रुपए तक देना होगा । यानि 100 वर्गफुट की दुकान नगर निगम क्षेत्र में होने पर व्यापारी को 400 रुपए वार्षिक शुल्क देना होगा।


वाहनों से व्यापार करने वालों के लिए भी लाइसेंस जरूरी
अब मिनी ट्रक, पिकअप, जीप, ऑटो या तिपहिया से कारोबार करने वालों को भी अनुज्ञप्ति लेनी होगी। मिनी ट्रक, पिकअप ,जीप में व्यापार करने वाले को निगम क्षेत्र में 400 रुपए, परिषद क्षेत्र में 300रुपए और नगर पंचायत क्षेत्र में 200 रुपए प्रति वाहन प्रतिवर्ष देना अनिवार्य किया गया है। वही ऑटो, तिपहिया वाहन के लिए निगम में 250 रुपए, परिषद में 200 रुपए, नगर पंचायत में 150 रुपए प्रतिवर्ष देना होगा ।
अन्य व्यावसायिक परिसरों के लिए विशेष दरें
बाजार क्षेत्र के बाहर स्थित व्यावसायिक परिसरों के लिए अधिकतम वार्षिक शुल्क नगर निगम में 30 हजार रुपए तक,नगरपालिका परिषद में 20 हजार तक और नगर पंचायत में 10 हजार रुपए तक निर्धारित किया गया है।

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