योजनाओं और प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करनी होगी
रायपुर। राज्य सरकार की छवि को बेहतर और पारदर्शी बनाने के लिए जनसंपर्क विभाग ने एक नई व्यवस्था लागू की है। अब प्रदेश के सभी विभागों को हर तीन महीने में अपनी उपलब्धियों, योजनाओं और प्रगति की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करनी होगी।
मुख्य बिंदु

- विभागों को प्रेस ब्रीफिंग करके बताना होगा कि तीन महीनों में क्या-क्या उपलब्धियां रहीं और किन योजनाओं को आगे बढ़ाया गया।
- हर दिन सोशल मीडिया पर विभाग को बताना होगा कि आज क्या नया काम किया।
- इसके लिए विभागों को एक प्रवक्ता नियुक्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
- किसी भी कार्यक्रम की जानकारी एक दिन पहले सार्वजनिक करनी होगी और कार्यक्रम की अहमियत के अनुसार मीडिया को आमंत्रित करना होगा।
- बड़े प्रोजेक्ट्स की जानकारी इंफोग्राफिक्स के माध्यम से साझा की जाएगी।
- विभागीय अधिकारी मीडिया से नियमित बातचीत करें और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सही जानकारी उपलब्ध कराएँ।
पत्रकारिता और जनभागीदारी पर विशेष जोर
- जनसंपर्क विभाग ने निर्देश दिया है कि जनभागीदारी कार्यक्रमों में पत्रकारों को जोड़ा जाए।
- पत्रकारों के दल को महत्वपूर्ण परियोजनाओं का मैदान दौरा करवाया जाए।
- मीडिया संगोष्ठी आयोजित की जाए और पत्रकारों के साथ फ्रेंडली मैच भी खेलने के निर्देश दिए गए।
विभागों को दिए गए मुख्य निर्देश
- प्रतिदिन अखबारों की कटिंग कलेक्ट कर विभाग से संबंधित खबरों की समीक्षा करें।
- सकारात्मक और नकारात्मक खबरों की जानकारी सचिव और कलेक्टर को दें।
- आवश्यकता पड़ने पर नकारात्मक खबरों का खंडन या सही जानकारी जारी करें—शाम 5 बजे तक।
- प्रत्येक विभाग और जिला रोजाना अपने विषय से संबंधित अपडेट जनसंपर्क अधिकारी के जरिए जारी करेगा।
सोशल मीडिया और रिपोर्टिंग के लिए लक्ष्य
- रोज़ाना गतिविधियाँ, योजनाएँ और उपलब्धियाँ फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर पोस्ट करें।
- विभागों के लिए साप्ताहिक, और जिलों के लिए मासिक टार्गेट तय किए गए हैं।
सभी एसीएस, पीएस और सचिवों को भेजी चिट्ठी
जनसंपर्क विभाग ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि यह पूरी व्यवस्था शासन की छवि मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और जनता तक तथ्यात्मक जानकारी पहुँचाने के लिए है। इससे विभागों का प्रचार-प्रसार बढ़ेगा और गलत खबरों की गुंजाइश कम होगी।







