रायपुर, 31 जनवरी 2026। रोजगारयुक्त एवं स्वावलंबी ग्राम पंचायत बनाना केंद्र सरकार का प्रमुख लक्ष्य है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (VBG रामजी) के लागू होने से गांवों में विकास की रफ्तार तेज होगी। इसके लिए बजट में लगभग डेढ़ गुना अधिक राशि स्वीकृत की गई है। यह बात केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कही।
श्री चौहान ने छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहे आवास निर्माण की सराहना करते हुए इसे देश के अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण के साथ-साथ “मोर गांव मोर पानी महाअभियान” जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ है।
केंद्रीय मंत्री ने प्रदेश में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना को और सशक्त करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए तथा मजदूरी भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रहे।

उन्होंने बस्तर संभाग की लंबित विकास परियोजनाओं को लेकर विशेष रणनीति बनाने के निर्देश दिए। श्री चौहान ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक विकास से वंचित रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब बस्तर के समग्र विकास के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान), प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, पीएम जनमन एवं आरसीपीएलडब्ल्यूईए योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। साथ ही एनआरएलएम में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती के निर्देश भी दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 24.58 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 17.60 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 33,246 स्वीकृत आवासों में से 18,373 पूर्ण हो चुके हैं। वहीं आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 3,416 आवास स्वीकृत किए गए हैं। सरकार गठन के बाद दो वर्षों में ही 8.41 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया गया है, जो देश में सर्वाधिक है।
प्रदेश में लखपति दीदी योजना के माध्यम से अब तक 8000 से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। इसके अलावा 5000 से अधिक मिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया गया है तथा डेढ़ लाख से अधिक आवासों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। बैठक में क्यूआर कोड, दीदी के गोठ और छत्तीस कला जैसे नवाचारों की भी जानकारी दी गई।

महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित इस समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सचिव निहारिका बारिक सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह , कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. मनिंदर कौर द्विवेदी सहित दिल्ली से आए विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।







