फिर यह बहस ने हिंसा और जातिवाद का रंग ले लिया
नई दिल्ली: नॉर्थ कैंपस के आर्ट्स फैकल्टी में एक कार्यक्रम आयोजित कर रही AISA की छात्राओं और एक महिला यूट्यूबर रुचि तिवारी के बीच झड़प हो गई। फिर यह बहस ने हिंसा और जातिवाद का रंग ले लिया। डीयू कैंपस में जमकर बवाल मच गया। महिला पत्रकार रुचि तिवारी ने जाति पूछकर हमला करने का आरोप लगाया है। इस कार्यक्रम का नाम ‘अधिकार रैली’ था, जिसमें कई प्रोफेसरों और अन्य वक्ताओं को UGC के नए नियमों पर चर्चा के लिए बुलाया गया था। पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए उन्हें आपस में भिड़ने से रोका। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया और शाम 4 बजे तक सभी लोग तितर-बितर हो गए।
महिला यूट्यूबर रुचि तिवारी को मिली रेप की धमकी
वहीं, महिला पत्रकार रुचि तिवारी ने कहा कि मैं वहां कुछ नहीं कर पा रही थी। मुझे गलत तरीके से टच किया जा रहा था। मेरा गला पकड़ा गया था, मेरे दोनों हाथ पकड़ लिए गए थे। वहां खड़े कुछ छात्र ने मुझसे कहा कि तू ब्राह्मण है न, चल आज पकड़ी गई, तेरे साथ रेप होगा, तेरा नग्न परेड निकालेंगे। पुलिस वहां खड़े होकर देख रही थी। रुचि तिवारी ने आरोप लगाया है कि उनकी जाति पूछकर उनके साथ मारपीट की गई।
महिला यूट्यूबर पर हमले के बाद थाने में जमा हुए 50 से 60 लोग
इसके बाद लगभग 4:30 बजे, लगभग 50-60 लोग पुलिस स्टेशन मॉरिस नगर में इकट्ठा हुए और महिला यूट्यूबर रुचि तिवारी पर शारीरिक हमले के लिए महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे। इसी बीच, AISA की एक छात्रा ने भी यूट्यूबर और उसके समर्थकों पर हमले का आरोप लगाया। प्राप्त शिकायतों के आधार पर, पुलिस स्टेशन मॉरिस नगर में धारा 74/115(2)/126(2)/3(5) BNS के तहत FIR दर्ज की गई है।
कुलपति का आया बयान
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में यूजीसी गाइडलाइंस को लेकर हुए हंगामे पर कुलपति योगेश सिंह ने छात्रों और शिक्षकों से अपील की है कि वे आपस में सौहार्द बनाए रखें। डीयू की ओर से जारी एक बयान में कुलपति योगेश सिंह ने कहा कि मैं दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से अनुरोध करता हूं कि वह आपस में सौहार्द बनाए रखें। कोई भी ऐसा काम न करें, जिससे आपसी मनमुटाव बढ़े और राष्ट्र व विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान हो।
वीसी ने कहा- ये चिंता का विषय
वीसी ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय में शुक्रवार को जो घटना हुई, वह चिंता का विषय है। विश्वविद्यालय में भारत के सभी प्रदेशों और सभी समुदायों के विद्यार्थी पढ़ते हैं। सामाजिक सौहार्द सबसे बड़ी चीज है और उसे बनाए रखना हम सब का कर्तव्य है। मैंने आज कई विद्यार्थी और शिक्षक समूहों से बातचीत की है और पुलिस प्रशासन से भी बात करके ये सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में कोई ऐसी घटना न हो, जिससे सद्भाव को कोई नुकसान पहुंचे।
उन्होंने कहा कि यूजीसी के जो नए नियम आए हैं, वह अभी सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन हैं। मैं विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपील करता हूं कि वह भारत सरकार पर अपना भरोसा बनाए रखें और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का इंतजार करें। डीयू में हुए हंगामे को लेकर एबीवीपी के स्टेट सेक्रेटरी सार्थक शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को कई लेफ्ट-विंग स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंदर प्रोटेस्ट कर रहे थे।
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