रायपुर। एमिटी विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के बीओडीएमएसीसी क्लब ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय सभागार में अंतर्राष्ट्रीय गणित दिवस (पाई दिवस) का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य आधुनिक समाज में गणित की सुंदरता, प्रासंगिकता और असीमित संभावनाओं को उजागर करना था। एमिटी विवि छत्तीसगढ़ के कुलपति डॉ. पीयूष कांत पांडे ने कहा कि गणित लगभग हर विषय में महत्वपूर्ण योगदान देता है और वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति में अहम भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ता सरकारी एनपीजी विज्ञान महाविद्यालय में गणित के प्रोफेसर डॉ. बीपी त्रिपाठी ने आईकेएस के परिप्रेक्ष्य से भारतीय गणितीय विरासत शून्य से अनंत तक विषय पर जानकारी दी।
शून्य से अनंत तक” विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. बीपी त्रिपाठी (सरकारी एनपीजी विज्ञान महाविद्यालय) ने “आईकेएस के परिप्रेक्ष्य से भारतीय गणितीय विरासत: शून्य से अनंत तक” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने प्राचीन भारतीय गणितज्ञों के योगदान और विश्व में गणितीय ज्ञान के विकास पर उनके प्रभाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
समस्या-समाधान क्षमता के विकास में गणित के महत्व पर जोर दिया
डॉ. पूनम मिश्रा
गणित विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम मिश्रा ने बताया कि पाई दिवस हर साल 14 मार्च को गणितीय स्थिरांक पाई (3.14) के मान को चिह्नित करने के लिए मनाया जाता है। उन्होंने छात्रों में तार्किक सोच, रचनात्मकता और समस्या-समाधान क्षमता के विकास में गणित के महत्व पर जोर दिया।
कार्यक्रम में डॉ. विनय कुमार सिंह और डॉ. ज्योति सिंह सहित विश्वविद्यालय के कई शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने छात्रों और शिक्षकों को गणित के महत्व तथा नवाचार और खोज की इसकी अनंत संभावनाओं को समझने के लिए प्रेरित किया।
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