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सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता जांचने रायपुर कलेक्टर ने चखा स्वाद, व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के दिए निर्देश

रायपुर कलेक्टर का निरीक्षण दौरा:संचालित सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष जायजा लिया

रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने धरसींवा विकासखंड का दौरा कर स्कूलों, मत्स्य पालन केंद्र और पशुपालन विभाग की विभिन्न योजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता, मध्यान्ह भोजन की स्थिति और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का प्रत्यक्ष जायजा लिया। उनके साथ जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन भी मौजूद रहे।

स्कूलों में चखा मध्यान्ह भोजन

दौरे की शुरुआत शासकीय प्राथमिक शाला कांदुल से हुई। यहां कलेक्टर ने मध्यान्ह भोजन किया और उसकी गुणवत्ता परखी। उन्होंने भोजन की स्वच्छता, पोषण स्तर और समय पर वितरण को संतोषजनक बताया, साथ ही व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। स्कूल परिसर में चल रहे मरम्मत कार्य का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता के साथ कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा।

सीखने के स्तर में सुधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश

कलेक्टर डाॅ गाैरव सिंह बच्चाें से बातचीत करते हुए

इसके बाद वे शासकीय प्राथमिक शाला सेजबहार पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों की कॉपियां जांचीं और उनसे पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे। बच्चों से संवाद कर उन्होंने जाना कि कक्षाओं में क्या पढ़ाया जा रहा है और मध्यान्ह भोजन में प्रतिदिन क्या दिया जाता है। कलेक्टर ने शिक्षकों को नियमित अध्यापन, बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और सीखने के स्तर में सुधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

मत्स्य पालन केंद्र में 17 टन मासिक उत्पादन

कलेक्टर डाॅ गाैरव सिंह खेल मैदान में लगे उपकरण की जांच करते हुए।

सेजबहार स्थित मत्स्य पालन केंद्र के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत यहां पांच नर्सरी और चार तालाबों में मछली पालन किया जा रहा है। इससे प्रतिमाह लगभग 17 टन मछली का उत्पादन हो रहा है। कलेक्टर ने जल संरक्षण, तालाबों की नियमित साफ-सफाई और अधिक पौधारोपण पर जोर देते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए।

कृत्रिम गर्भाधान व टीकाकरण व्यवस्था की समीक्षा

कलेक्टर ने कृत्रिम गर्भाधान उपकेंद्र का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 1047 पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया गया है, जिससे लगभग 450 उन्नत नस्ल के बछड़े-बछियों का जन्म हुआ है।
उन्होंने टीकाकरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए खुरहा-चपका जैसी बीमारियों से बचाव के लिए नियमित टीकाकरण जारी रखने और योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। कुल मिलाकर, कलेक्टर का यह दौरा शिक्षा, मत्स्य और पशुपालन क्षेत्रों में गुणवत्ता सुधार और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है।

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