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अपनों के आँसू, पर दूसरों की मुस्कान: पति के ब्रेन डेड होने पर पत्नी ने लिया दान का निर्णय

.सीढ़ी से गिरने के बाद मौत, ब्रेन डेड घोषित होने के बाद परिवार ने किया अंगदान

रायपुर। धमतरी जिले के कुरुद निवासी संतोष यादव की मृत्यु के बाद उनके परिवार ने मानवता की मिसाल पेश की है। संतोष के नेत्रदान से जहां दो लोगों को नई रोशनी मिलेगी, वहीं उनकी त्वचा के दान से गंभीर रूप से झुलसे या घायल मरीजों के जख्म भरने में मदद मिलेगी। दुख की इस घड़ी में पत्नी सुरुज बाई द्वारा लिया गया यह निर्णय समाज के लिए प्रेरणादायक बन गया है।

सिर पर गहरी चोट आई थी
दअरसल संतोष होली के दिन अपने घर की सीढ़ियों से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे में उनके सिर पर गहरी चोट आई थी। परिजनों ने उन्हें तत्काल उपचार के लिए डीकेएस अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में भर्ती कराया। डॉक्टरों की टीम ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन सिर की गंभीर चोट के कारण उनकी हालत लगातार नाजुक बनी रही। इलाज के दौरान संतोष की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंतत: डॉक्टरों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया।


पत्नी ने समाजहित में लिया बड़ा निर्णय
डॉक्टरों की टीम ने समय रहते पूरा किया नेत्रदान और स्किन डोनेशन अस्पताल के उप अधीक्षक डॉ. हेमंत शर्मा और उनकी टीम ने संतोष की पत्नी सुरुज बाई को अंगदान के बारे में जानकारी दी और उन्हें इसके महत्व से अवगत कराया। शोक की इस घड़ी में परिजनों को अंगदान के लिए तैयार करना आसान नहीं होता, लेकिन काफी समझाइश के बाद पत्नी ने समाजहित में बड़ा निर्णय लेते हुए नेत्रदान और त्वचा दान के लिए सहमति दे दी। इसके बाद संतोष के निधन के पश्चात अंबेडकर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग के डॉ. मुकेश भगत और डॉ. संजय शर्मा की टीम डीकेएस अस्पताल पहुंची और नेत्रदान की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई

कलेक्टर ने पत्नी का किया सम्मान
इस मानवीय पहल की जानकारी मिलने पर रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह भी डीकेएस अस्पताल पहुंचे। उन्होंने संतोष की पत्नी सुरुज बाई को सम्मान पत्र देकर उनके साहस और मानवता की भावना की सराहना की। साथ ही प्रशासन की ओर से आर्थिक सहायता के रूप में 21 हजार रुपए का चेक भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. शिप्रा शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश चौधरी तथा सोटो के संयुक्त संचालक डॉ. वरुण अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

भारत में अंगदान (Organ Donation) करने के लिए NOTTO (National Organ and Tissue Transplant Organization) की वेबसाइट notto.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण करें और प्रतिज्ञा पत्र भरें। यह प्रक्रिया पूरी तरह स्वैच्छिक है। पंजीकरण के बाद आपको एक ‘डोनर कार्ड’ मिलेगा, जिसे हमेशा साथ रखें और अपने परिवार को अपने इस निर्णय के बारे में जरूर सूचित करें। 

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