सड्डू, अमलीडीह, कबीरनगर, देवेंद्र नगर, भनपुरी, टिकरापारा में नागरिकों ने कीशिकायत
-जिम्मेदार दूसरे पर फोड़ रहे ठिकरा, कई वार्डो में नहीं पहुंच रही गाड़ी
रायपुर। राजधानी जिसे स्वच्छता और स्मार्ट सिटी के मॉडल के रूप में जाना जाता है, वह आज सफाई की अव्यवस्था से जूझ रहा है। महापौर ने शहर की साफ—सफाई में लापरवाही बरतने पर बैठक लेकर जेडएचओ और ठेकेदारों को फटकार लगाई है।
वहीं निगम में बैठे आला अधिकारी चरमराई सफाई व्यवस्था पर अन्य कारण बता कर स्वयं की जिम्मेदारी से साफ बचते नजर आ रहे है। ज्ञात होकि शहर के अधिकतर वार्डो में कचरा पसरा हुआ है, रहवासी रोज जोन कार्यालय में शिकायत कर रहे है। इसके बाद भी मूलभूत व्यवस्था में सुधार नहीं देखा जा रहा है।
ठेकेदारों की मनमानी, वार्डों में गंदगी
निगरानी की कमी का फायदा ठेकेदार उठा रहे हैं। कई इलाके जैसे सड्डू, अमलीडीह, कबीरनगर, देवेंद्र नगर, भनपुरी, टिकरापारा में नागरिकों ने शिकायत की है कि कचरा गाड़ियां कई दिनों तक नहीं आतीं, जिससे गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। शिकायतों पर निगम की कार्रवाई कागजों तक सीमित है। वही टोल फ्री नंबर 1100 पर शिकायत करने पर जबाव तो मिलता है, लेकिन सफाई नही हो पाती है।

करोड़ों खर्च, लेकिन निगरानी शून्य
विभिन्न जोनों में ठेकेदारों को कचरा संग्रहण, नालियों की सफाई और सार्वजनिक स्थलों की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन निरीक्षण के अभाव में काम में लापरवाही आम हो चुकी है। कई वार्डों में कचरे के ढेर, जाम नालियां और सड़कों पर बदबू आम नजारा बन चुका हैं। ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही क्योंकि उन्हें मॉनिटर करने वाला अधिकारी ही नहीं है।







