गुटखा किंग रसिकलाल धारीवाल की प्रेरक कहानी
जोधपुर/पुणे। कहते हैं हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे मजबूत हों तो इंसान किस्मत खुद लिख लेता है। ऐसी ही एक मिसाल हैं माणिकचंद ग्रुप के संस्थापक और “गुटखा किंग” के नाम से मशहूर रसिकलाल माणिकचंद धारीवाल। एक समय साइकिल किराए पर लेकर काम करने वाला यह युवक आगे चलकर अरबों रुपये का साम्राज्य खड़ा करता है।

बीड़ी फैक्ट्री से शुरुआत
राजस्थान मूल का धारीवाल परिवार करीब 150 साल पहले रोज़गार की तलाश में महाराष्ट्र पहुँचा। रसिकलाल के पिता बीड़ी की एक छोटी फैक्ट्री चलाते थे, जिसमें मात्र 20 मजदूर काम करते थे। यही फैक्ट्री उनके जीवन की पहली पाठशाला बनी।
14 साल की उम्र में टूटा सहारा

जब रसिकलाल सिर्फ 14 साल के थे, तभी पिता का देहांत हो गया। परिवार के पास सैकड़ों एकड़ जमीन थी, लेकिन 1956 के भूमि अधिग्रहण कानून ने सब कुछ छीन लिया। एक झटके में संपन्न परिवार सड़क पर आ गया।
साइकिल, संघर्ष और संकल्प
हालात इतने खराब थे कि रसिकलाल को साइकिल भी किराए पर लेनी पड़ती थी। कई बार वे साइकिल से ही 100 किलोमीटर तक का सफर तय करते थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। छोटी-छोटी बचत से पहले मोटरसाइकिल खरीदी और आगे बढ़ते रहे।
स्टेशनरी दुकान से मिली नई दिशा
संघर्ष के दिनों में उन्होंने एक छोटी स्टेशनरी दुकान खोली। अपने अलग सोच और मेहनत से इस दुकान को मुनाफे का जरिया बनाया। यही आत्मविश्वास आगे चलकर बड़े कारोबार की नींव बना।


मां बनी सबसे बड़ी ताकत
उनकी मां मदन बाई माणिकचंद उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा रहीं। उन्होंने हर मोड़ पर बेटे का साथ दिया और आत्मनिर्भर बनने की सीख दी। रसिकलाल अक्सर कहते थे— “जो कुछ हूं, मां की वजह से हूं।”
फिर शुरू हुआ तंबाकू कारोबार
1958-59 में रसिकलाल ने दोबारा तंबाकू उत्पादों के कारोबार में कदम रखा। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कोंकण क्षेत्र में पहला गैस प्लांट, ऑक्सीजेनेटेड ड्रिंकिंग वॉटर, अनब्रेकेबल स्विचेस—हर क्षेत्र में उन्होंने नवाचार किया।
नवाचार से बनी अलग पहचान
रसिकलाल धारीवाल सिर्फ तंबाकू कारोबारी नहीं थे, वे एक दूरदर्शी उद्यमी थे।
- कोंकण क्षेत्र में पहला गैस प्लांट शुरू किया
- अनब्रेकेबल स्विचेस भारत में लॉन्च किए
- ऑक्सीजेनेटेड पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया
- महाराष्ट्र के सबसे युवा म्युनिसिपल काउंसिल प्रेसिडेंट भी रहे
दुनिया के 50+ देशों में माणिकचंद ग्रुप
आज माणिकचंद ग्रुप का कारोबार भारत सहित दुनिया के 50 से ज्यादा देशों में फैला है। ग्रुप के प्रमुख सेक्टर हैं—
- पान मसाला और तंबाकू उत्पाद
- पैकेजिंग इंडस्ट्री
- रोलर फ्लोर मिल्स
- रियल एस्टेट
- विंड एनर्जी
- पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर
हजारों लोगों को रोजगार देने वाला यह ग्रुप आज एक मजबूत औद्योगिक साम्राज्य बन चुका है।

युवाओं के लिए सीख
👉 हालात कितने भी कठिन हों, मेहनत रास्ता दिखाती है
👉 छोटी शुरुआत भी बड़े साम्राज्य की नींव बन सकती है
👉 सफल कारोबारी वही होता है जो बदलाव और नवाचार को अपनाए







