– एक ने बैंक मैनेजर को एफडी के नाम पर लगाया चूना, दूसरे ने ऑनलाइन जॉब का झांसा देकर उड़ाए 16 लाख रुपये– – पुलिस ने साइबर गैंग की कड़ियां सुलझाईं, रकम की रिकवरी भी
रायपुर। साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे से दो हाई-टेक साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अलग-अलग मामलों में लाखों रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने अब तक दोनों मामलों में ठगे गए करीब 34 लाख रुपये में से अधिकांश राशि की रिकवरी कर पीड़ितों को लौटाई है।
पहला मामला : बैंक मैनेजर को एफडी का लालच देकर ठगा
पहला मामला भारतीय स्टेट बैंक, रामसागरपारा शाखा के प्रबंधक आशुतोष कुमार से जुड़ा है। आरोपियों ने उन्हें फिक्स्ड डिपॉजिट में उच्च ब्याज दर का लालच देकर 17.82 लाख रुपये की ठगी कर ली थी।
तकनीकी जांच के बाद पुलिस उत्तर प्रदेश के कुशीनगर निवासी सरफराज अंसारी तक पहुंची, जो ठगी के बाद पुणे में छिपा हुआ था। रायपुर साइबर टीम ने पुणे में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया और ठगी की पूरी राशि रिकवर कर ली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की ठगी में पूरी रकम की रिकवरी दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है।

दूसरा मामला : ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब का झांसा
दूसरे मामले में रायपुर निवासी देवेश साहू को ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब का झांसा देकर ठगा गया था। आरोपी महाराष्ट्र के उल्हासनगर निवासी मयूर जोशी ने टेलीग्राम के माध्यम से संपर्क किया और उन्हें गूगल रिव्यू लिखने के टास्क दिए। शुरू में छोटे-छोटे पेमेंट देकर भरोसा जीतने के बाद आरोपी ने 16 लाख रुपये हड़प लिए।
तकनीकी विश्लेषण से आरोपी की लोकेशन मुंबई में मिली, जिसके बाद साइबर टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों से अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के कई लिंक सामने आ सकते हैं।
साइबर ठगी से बचने के 7 आसान नियम
- 🔒 OTP, PIN या पासवर्ड कभी शेयर न करें।
- ⚠️ अजनबी लिंक या QR कोड पर क्लिक न करें।
- 💼 ऑनलाइन जॉब या इन्वेस्टमेंट ऑफर से सावधान रहें।
- 📱 सोशल मीडिया पर निजी जानकारी न डालें।
- 💳 सिर्फ “https://” वाली वेबसाइट से ही पेमेंट करें।
- 🚨 ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
- 🔁 पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें और 2FA ऑन रखें।






