दिए गए एक विकल्प को लेकर लोगों की भावनाएं आहत
लखनऊ: उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न को लेकर प्रदेश में नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र का एक स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दिए गए एक विकल्प को लेकर लोगों की भावनाएं आहत होने का दावा किया जा रहा है।

क्या था विवादित सवाल?
सामान्य हिंदी के सेक्शन में अभ्यर्थियों से एक वाक्यांश का अर्थ पूछा गया था —
“अवसर के अनुसार बदलने वाला”
इस प्रश्न के लिए चार विकल्प दिए गए थे:
(A) पंडित
(B) निष्कपट
(C) सदाचारी
(D) अवसरवादी
सामान्य रूप से इस वाक्यांश का सही उत्तर “अवसरवादी” माना जाता है, लेकिन विकल्पों में “पंडित” शब्द शामिल होने को लेकर कई लोगों ने आपत्ति जताई है।
सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद
प्रश्न का स्क्रीनशॉट वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई यूजर्स का कहना है कि इस तरह के विकल्प से एक विशेष समुदाय की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। वहीं कुछ लोग इसे सिर्फ एक सामान्य विकल्प बताते हुए विवाद को बेवजह का मुद्दा बता रहे हैं।
परीक्षा एजेंसी पर उठे सवाल
विवाद बढ़ने के बाद परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अभ्यर्थियों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस प्रश्न को हटाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
इस मामले पर अभी तक परीक्षा आयोजन से जुड़ी आधिकारिक संस्था की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर चल रही बहस के बीच यह मुद्दा तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है।

डिप्टी सीएम ने दिए जांच के आदेश
मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रश्न के कारण किसी समाज या वर्ग की भावनाएं आहत होती हैं, तो इसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा विधायक ने भी जताई आपत्ति
वहीं, जौनपुर की बदलापुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने भी इस प्रश्न पर आपत्ति जताई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।








