श्री भोगीलाल जी को विनम्र श्रद्धांजलि …पंकज दुबे, बायोग्राफी लेखक
मुंबई। श्री पन्नालाल जायसवाल जी के संघर्षमय मुंबई प्रवास में जो कुछ दुर्लभ लोग सच्चे मित्र, पथप्रदर्शक और संबल बनकर खड़े रहे, उनमें सबसे उज्ज्वल नाम था—स्वर्गीय श्री भोगीलाल जी।
व्यवसाय खबर की पूरी टीम ईश्वर से प्रार्थना करता हैगहरे दु:ख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि उन्होंने गुरुवार, 27 नवंबर 2025 को अपने निवास पर अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। व्यवसाय खबर की पूरी टीम ईश्वर से प्रार्थना करता है कि उनकी दिवंगत आत्मा को शाश्वत शांति प्रदान करे।

आज भी स्मृतियों में एक पवित्र निशानी की तरह सुरक्षित
जीवनी लेखन के दौरान उनसे हुई भेंट आज भी स्मृतियों में एक पवित्र निशानी की तरह सुरक्षित है। सादगी से भरे उनके घर में बैठकर जब उनसे पन्नालाल जी के जीवन, संघर्ष और सफलता पर बात हुई, तो वे अनायास ही भावुक हो उठे।

भर्राई हुई आवाज़ में उन्होंने कहा था—
‘जब पहली बार पन्ना भाई को देखा, तो लगा था कि यह शांत, सरल-स्वभाव का युवक इस शहर में टिक नहीं पाएगा… पर उसकी मेहनत और निष्ठा ने हम सबकी सोच गलत साबित कर दी। ‘
अपने सच्चे मित्र को याद करते हुए वे आगे बोले—
‘पन्ना शुरू से ही दिल का बहुत साफ रहा है। कई लोगों ने उसे धोखा दिया, पर उसने कभी किसी के साथ बुरा नहीं किया। उसके कठिन समय में मैंने साथ निभाया, तो मेरे बुरे दिनों में—मेरी बेटियों की शादी तक—उसने जिस तरह मेरा हाथ थामा, वह मैं जीवन भर नहीं भूल सकता। भगवान उसे हमेशा सुरक्षित रखे। ‘ये शब्द बोलते-बोलते उनकी आंखें नम हो गईं… और भावनाएं आंसुओं के साथ बह निकलीं।
स्वर्गीय भोगीलाल जी का जीवन स्नेह, मित्रता और मानवीयता की एक उजली मिसाल था।
हम सब उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं।
ओम शांति







