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विश्व मधुमेह दिवस: तेजी से बढ़ रही डायबिटीज की समस्या, हर तीसरा व्यक्ति खतरे में

उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल, भाठागांव नि:शुल्क डायबिटिक फुट जांच शिविर आयोजित

नई दिल्ली। मधुमेह यानी डायबिटीज आज एक ऐसी समस्या बन चुकी है, जो बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को प्रभावित कर रही है। साल दर साल इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए हर साल 14 नवंबर को “विश्व मधुमेह दिवस” (World Diabetes Day) के रूप में पूरी दुनिया में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में मधुमेह के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर निदान के लिए प्रेरित करना है।

🔹 विश्व मधुमेह दिवस की शुरुआत

विश्व मधुमेह दिवस की शुरुआत वर्ष 1991 में अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह महासंघ (IDF) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मिलकर की थी। उस समय से लेकर अब तक इसका मकसद लोगों को मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी के खतरों से आगाह करना रहा है।

🔹 चिंताजनक आंकड़े

अंतर्राष्ट्रीय मधुमेह महासंघ और WHO के ताजा आंकड़ों के अनुसार,

  • दुनिया में हर 3 में से 1 व्यक्ति डायबिटीज से प्रभावित है।
  • वहीं 4 में से 1 व्यक्ति को यह तक पता नहीं कि वह प्री-डायबिटीज की स्थिति में है।
  • वयस्क आबादी में मधुमेह का खतरा सबसे ज्यादा देखा जा रहा है।
  • खराब जीवनशैली और तनाव की वजह से हर 9 में से 1 वयस्क इस बीमारी की गिरफ्त में है।
  • चौंकाने वाली बात यह है कि 40 फीसदी युवा यह तक नहीं जानते कि वे डायबिटीज से जूझ रहे हैं।
    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुमान के मुताबिक, साल 2025 तक दुनिया भर में लगभग 830 मिलियन लोग मधुमेह से पीड़ित होंगे, और यह आंकड़ा आने वाले वर्षों में और बढ़ सकता है।

विश्व मधुमेह दिवस: उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल में नि:शुल्क डायबिटिक फुट जांच शिविर

डॉ. विनोद कुमार सिंह

रायपुर। विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल, भाठागांव रायपुर द्वारा 14 नवम्बर 2025 को मधुमेह रोगियों के लिए विशेष नि:शुल्क डायबिटिक फुट जांच शिविर आयोजित किया जा रहा है।
इस शिविर का उद्देश्य मधुमेह से पीड़ित लोगों में पैरों की देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाना और गंभीर जटिलताओं की रोकथाम करना है।
संक्रमण या गैंग्रीन तक पहुंच सकती है
उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विनोद कुमार सिंह ने बताया कि मधुमेह के मरीजों में पैरों की संवेदना कम हो जाती है, जिससे मामूली चोट या संक्रमण भी गंभीर रूप ले सकता है। यदि समय पर जांच न कराई जाए तो यह स्थिति अल्सर, संक्रमण या गैंग्रीन तक पहुंच सकती है।

10,000 तक की जांचें नि:शुल्क
अस्पताल की प्रबंध निदेशक नम्रता सिंह ने बताया कि खुशहाल जीवन थीम के तहत यह शिविर 10,000 तक की जांचें नि:शुल्क प्रदान करेगा ।
नवंबर माह में उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल द्वारा अन्य नि:शुल्क जांच शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं।
शिविर सुबह 11 बजे से होगा
लीवर जांच $फाइब्रोस्कैन (13 और 27 नवम्बर), हृदय जांच इको (15 और 26 नवम्बर), मस्तिष्क रोग जांच ईईजी (22 नवम्बर)। शिविर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अस्पताल परिसर में आयोजित होगा।

🔹 क्या है मधुमेह?

खाना खाने के बाद शरीर ग्लूकोज बनाता है, जो ऊर्जा का मुख्य स्रोत है। लेकिन इस ग्लूकोज को शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचाने के लिए इंसुलिन नामक हार्मोन की जरूरत होती है, जो पैंक्रियाज बनाता है। जब पैंक्रियाज पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता, तो ग्लूकोज रक्त में बढ़ जाता है — इसे ही मधुमेह कहा जाता है।

🔹 डायबिटीज के प्रकार

  1. टाइप 1 डायबिटीज – इसमें पैंक्रियाज इंसुलिन बनाना पूरी तरह बंद कर देता है। यह एक गंभीर स्थिति होती है और इसे जीवनभर नियंत्रण में रखना पड़ता है।
  2. टाइप 2 डायबिटीज – इसमें शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता। यह मुख्य रूप से खराब जीवनशैली, गलत खानपान और मोटापे से जुड़ी होती है।
  3. गर्भावधि मधुमेह (Gestational Diabetes) – गर्भवती महिलाओं में यह समस्या अस्थायी रूप से हो सकती है, जिसे समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।

🔹 सावधानी ही बचाव है

डायबिटीज को नियंत्रण में रखने के लिए नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, तनावमुक्त जीवनशैली और नियमित स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है। समय पर पहचान और सही इलाज से इसे काफी हद तक काबू में रखा जा सकता है।


निष्कर्ष:
मधुमेह अब सिर्फ एक बीमारी नहीं, बल्कि एक वैश्विक चुनौती बन चुकी है। इस विश्व मधुमेह दिवस पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम खुद और अपने परिवार को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे — क्योंकि “जागरूकता ही सबसे बड़ी दवा है।”

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