रायपुर, 6 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में आयोजित प्रदेश स्तरीय समारोह में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, शिक्षा, त्याग और अखंड भारत के संकल्प का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में धारा 370 हटाने, अंत्योदय आधारित विकास और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने जैसे कदम डॉ. मुखर्जी के विचारों को साकार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि डॉ. मुखर्जी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए प्रदेश के सभी संभागीय और जिला मुख्यालयों में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इसके लिए राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं।

उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी एक दूरदर्शी राजनेता होने के साथ ही विलक्षण शिक्षाविद भी थे। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए सिद्धांतों से समझौता करने के बजाय केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना स्वीकार किया। जम्मू-कश्मीर में ‘एक देश में दो निशान, दो विधान और दो प्रधान’ की व्यवस्था के विरोध में उनका संघर्ष और बलिदान देश सदैव याद रखेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. मुखर्जी के अंत्योदय के विचारों के अनुरूप कार्य कर रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रसेवा, त्याग और समर्पण के आदर्शों को अपनाकर विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।







