जोनवार लागू राजस्व शुल्क की दरों के आधार पर शुल्क निर्धारित कर वसूली की जाएगी
रायपुर। शहर में संचालित देवभोग दूध के 50 से अधिक आउटलेट अब नगर निगम की राजस्व व्यवस्था के दायरे में आएंगे। निगम ने इन आउटलेट से शुल्क वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक इन केंद्रों से निगम की ओर से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा था। जोनवार लागू राजस्व शुल्क की दरों के आधार पर शुल्क निर्धारित कर वसूली की जाएगी। अपर आयुक्त विनोद पांडेय ने बताया कि शुल्क निर्धारण के लिए समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट के बाद शुल्क तय कर वसूली शुरू की जाएगी।
कमाई कम, अब शुल्क का बोझ भीज्ञात हो कि देवभोग के कई आउटलेट पहले से ही सीमित बिक्री और कम आमदनी की चुनौती से जूझ रहे हैं। ऐसे में निगम की ओर से शुल्क वसूली शुरू होने पर संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है। आउटलेट संचालकों का तर्क है कि कम बिक्री के बीच किराया अथवा राजस्व शुल्क देना उनके लिए दोहरी मार साबित हो सकता है। इससे पहले से कम मुनाफे वाले आउटलेट के संचालन पर भी असर पड़ सकता है।
चार सदस्यीय समिति करेगी आकलन
आउटलेट की स्थिति, स्थान और उपयोग का अध्ययन कर शुल्क तय करने के लिए निगम ने चार सदस्यीय समिति गठित की है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर अलग-अलग जोन में संचालित केंद्रों से शुल्क वसूला जाएगा।

पहले 1 हजार रुपए मासिक का था प्रस्ताव
इससे पहले प्रत्येक आउटलेट से 1,000 रुपए प्रतिमाह किराया लेने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका। अब निगम जोनवार निर्धारित राजस्व शुल्क के अनुसार नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है।
30 नए आउटलेट के लिए मांगी जगह
इधर, देवभोग ने शहर में करीब 30 नए आउटलेट खोलने के लिए निगम से जमीन उपलब्ध कराने की मांग की है। निगम की जमीन पर आउटलेट खोलने की स्थिति में शुल्क और अन्य राजस्व की व्यवस्था भी तय की जाएगी।








