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जीएसटी के दरों में आज से बदलाव,ट्रेडर्स मैन्युफैक्चरर रिटेलर को करनी होगी तैयारी

व्यापारियों और निर्माताओं को अपने स्टॉक और बिक्री में आवश्यक संशोधन करना होगा

रायपुर। देश भर में सोमवार 22 सितंबर से वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी)दरों में बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। यानी अगर किसी उत्पाद पर जीएसटी दर घट रहा है तो उस उत्पाद को व्यापारी को कम दरों में बिक्री करना होगा। जीएसटी काउंसिल ने उत्पादवार दरों की नई सूची जारी कर दी है। इन बदलावों के बाद व्यापारियों और निर्माताओं को अपने स्टॉक और बिक्री में आवश्यक संशोधन करना होगा।

व्यापारी को नहीं होगा नुकसान
जीएसटी घटने पर उत्पाद को कम दाम में बेचना होगा लेकिन व्यापारी को इससे नुकसान नहीं होगा। इसे ऐसे भी समझा जा सकता है। उदाहरण के लिए यदि किसी ने 22 सितंबर से पहले एक लाख का माल खरीदा जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी यानी 18 ,000 लगा और कुल खरीद मूल्य 1,18 ,000 हुआ और वह माल 22 सितंबर के बाद 5 प्रतिशत जीएसटी दर पर बेचना है, तो बिक्री मूल्य 1,05,000 रुपए होगा। इस स्थिति में व्यापारी को नुकसान नहीं होगा क्योंकि 13,000 का अतिरिक्त टैक्स इनपुट क्रेडिट में समायोजित किया जा सकेगा। हालांकि, इस इनपुट क्रेडिट का नकद रिफंड नहीं मिलेगा बल्कि यह भविष्य की बिक्री में एडजस्ट करना होगा।

एमआरपी कम करना होगा
यदि व्यापारी एमआरपी आधारित बिक्री करता है तो उसे नई दर लागू होने के बाद एमआरपी कम करना होगा और पैकिंग पर पुराना व नया दोनों एमआरपी दर्शाना अनिवार्य होगा। उदाहरण के लिए यदि कोई उत्पाद पहले 120 में बिक रहा था जिसमें 12 प्रतिशत जीएसटी शामिल था और अब जीएसटी दर 5 प्रतिशत हो गई है, तो नया एमआरपी 112.50 दर्ज करना होगा। इस प्रकार उपभोक्ता को स्पष्ट जानकारी मिलेगी कि दरों में कमी के कारण कीमत घटी है। निर्माताओं को सुविधा दी गई है कि वे पुराना पैकिंग मटेरियल 31 दिसंबर 2025 तक इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन उस पर दोनों एमआरपी दरें दिखाना जरूरी होगा।

नई दर पर ही करनी होगी बिक्री
निर्माताओं के लिए भी यह बदलाव अहम है। यदि किसी प्रोडक्ट पर जीएसटी दर घट रही है तो 22 सितंबर से नई दर पर ही बिक्री करनी होगी। वहीं यदि रॉ मटेरियल पर अधिक दर से जीएसटी चुकाया गया है जैसे 18 प्रतिशत लेकिन तैयार प्रोडक्ट पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगाना है, तो पूरे 18 प्रतिशत का इनपुट क्रेडिट मिलेगा और इसका रिफंड भी लिया जा सकेगा। 1 नवंबर 2025 से रिफंड प्रक्रिया को और सरल बनाया जा रहा है ताकि निर्माताओं को समय पर राहत मिल सके।

इसमें नहीं मिलेगा आईटीसी का लाभ
यदि किसी प्रोडक्ट पर जीएसटी दर शून्य कर दी गई है तो 22 सितंबर से उसके बाद खरीदी गई वस्तुओं पर इनपुट क्रेडिट का लाभ नहीं मिलेगा। 22 सितंबर से पहले जो स्टॉक उपलब्ध है, उसका इनपुट क्रेडिट उसी रात रिवर्स करना होगा। इसी प्रकार यदि किसी व्यापारी ने 22 सितंबर से पहले 12 प्रतिशत या 18 प्रतिशत दर पर माल खरीदा है और बाद में उसे वापस करता है तो क्रेडिट नोट नई दर पर जारी होगा। उदाहरण के लिए यदि किसी ने 1,00,000 का माल 12 प्रतिशत जीएसटी यानी 1,12,000 में खरीदा और 22 सितंबर के बाद उसे लौटाया तो सप्लायर 1,05,000 का क्रेडिट नोट देगा। शेष 7,000 का टैक्स नुकसान नहीं होगा क्योंकि इसे इनपुट क्रेडिट के रूप में समायोजित किया जा सकेगा।

इन उत्पादों में बदलाव अभी लागू नहीं
कुछ विशेष उत्पाद जैसे पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू, बीड़ी और च्युइंग गम पर जीएसटी दरों में बदलाव 22 सितंबर से तुरंत लागू नहीं होगा। इन पर नई दरें केवल अलग से जारी अधिसूचना के बाद ही प्रभावी होंगी।

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