कवि सम्मेलन में ‘हाय सिलेंडर हाय’ ने बटोरी सुर्खियां, व्यंग्य के जरिए महंगाई पर करारा प्रहार
साहित्य सृजन संस्थान के कवि सम्मेलन में साहित्य, संवेदना और हास्य का अनूठा संगम
रायपुर।राजधानी के वृंदावन सभागार में साहित्य सृजन संस्थान द्वारा विराट कवि सम्मेलन एवं साहित्योत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में साहित्य, संवेदना और हास्य का सुंदर समन्वय देखने को मिला। देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की उपस्थिति और उच्च स्तरीय काव्य पाठ इस आयोजन की प्रमुख विशेषता रही।
गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध साहित्यकार एवं पूर्व प्रशासक डॉ. संजय अलंग थे, जिन्होंने संस्थान की साहित्यिक गतिविधियों की सराहना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष वीर अजीत शर्मा ने की।

कविता की आत्मा से समझौता नहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित ख्यातिलब्ध साहित्यकार गिरीश पंकज ने मंचों की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि कविता के मंच को मसखरों का अड्डा नहीं बनने देना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि हास्य स्वस्थ होना चाहिए और मनोरंजन के नाम पर कविता की आत्मा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
‘हाय सिलेंडर हाय’ ने लूटी महफिल
सुबह 10 बजे शुरू हुआ आयोजन दोपहर तक विराट कवि सम्मेलन में बदल गया। इसी दौरान कवि व ख्यातिलब्ध साहित्यकार राजकुमार धर द्विवेदी की व्यंग्य रचना ‘हाय सिलेंडर हाय’ ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
कविता के चर्चित अंश—
“आठ सिलेंडर भरवाए हैं पवनपुत्र हलवाई,
बोले – दो ठो और दिलाओ मेरे मुन्ना भाई।
बढ़ा दाम वे बेच रहे हैं अपनी सड़ी मिठाई,
आफत में नित अवसर ढूंढें, बहुतेरे व्यवसाई…”
इस प्रस्तुति के माध्यम से महंगाई, गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम और कुछ कारोबारियों की मुनाफाखोरी पर तीखा व्यंग्य किया गया। श्रोताओं ने ठहाकों के बीच इस सामाजिक संदेश को खूब सराहा।
गीत, गजल और हास्य का संगम
दीपशिखा सागर ने गीत और गजल से माहौल को भावपूर्ण बनाया। आलोक शर्मा और भोले नेमा चंचल ने हास्य रचनाओं से श्रोताओं को हंसाया। कविता जैन कुहुक ने अपनी मधुर आवाज से सभी को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम का संचालन दीपिका ऋषि झा ने किया, जिन्होंने इच्छा-मृत्यु जैसे गंभीर विषय पर मार्मिक काव्य पाठ भी प्रस्तुत किया। ममता खरे मधु और उमेश सोनी नयन ने भी प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।
पुस्तक विमोचन और सम्मान
इस अवसर पर वंदना ठाकुर की नई कृति का विमोचन किया गया। साथ ही साहित्य क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रचनाकारों को सम्मानित किया गया।

शाम 5 बजे तक चले इस आयोजन ने रायपुर के साहित्यिक माहौल में नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी, प्रबुद्ध नागरिक और युवा रचनाकार उपस्थित रहे।








