आरोपियों ने पहले विश्वास जीतने के लिए फर्जी पहचान पत्र और लेटरहेड दिखाए
रायपुर। सरकारी संस्था में ऊंचे पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगों ने शहर के एक व्यवसायी से 35 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को एमएसएमईपीसीआई (MSMEPCI) का चेयरमैन और उच्च अधिकारी बताकर पीड़ित को सरकारी अनुबंध और नियुक्ति का लालच दिया।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित से आरोपियों ने पहले विश्वास जीतने के लिए फर्जी पहचान पत्र और लेटरहेड दिखाए, फिर सरकारी प्रक्रिया के नाम पर किस्तों में पैसे वसूले। जब लंबे समय तक कोई नियुक्ति आदेश नहीं मिला, तो पीड़ित ने ठगी की आशंका जताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामला दर्ज कर ठगों की तलाश शुरू जांच में पता चला कि आरोपी किसी सरकारी संस्था से संबंधित नहीं हैं और उन्होंने फर्जी वेबसाइट, मुहर और ईमेल आईडी का इस्तेमाल कर पूरे गिरोह के साथ यह धोखाधड़ी की। पुलिस ने मामला दर्ज कर ठगों की तलाश शुरू कर दी है।
सरकारी पद का सपना और धोखे की शुरुआतअभनपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार रायपुर के अनिल कुमार श्रीवास, निवासी ग्रीन पैराडाइज वैली, विशाल नगर, तेलीबांधा, जो सौर ऊर्जा उपकरणों का व्यवसाय करते हैं, उनकी मुलाकात जोरा इलाके में विजय कुमार चौरसिया नामक व्यक्ति से हुई। उसने खुद को एमएसएमईपीसीआई का चेयरमैन बताया और कहा कि संस्था केंद्र सरकार की है, जो राज्यों में अपनी टीम बना रही है।
संस्था में पद का दिया लालचविजय ने अनिल श्रीवास को राज्य उपाध्यक्ष (वाइस चेयरमैन) और उनके साथी रौशन श्रीवास को राज्य अध्यक्ष (चेयरमैन) बनाने का लालच दिया।बदले में पैंतीस लाख रुपये मांगी। उसने कहा कि जल्दी निर्णय लीजिए, अन्य लोग भी इस पद के लिए दौड़ में हैं।
नकली पहचान पत्र और नियुक्ति पत्र से बढ़ाया भरोसाविजय चौरसिया ने योजना को असली दिखाने के लिए एमएसएमईपीसीआई के नाम पर नियुक्ति पत्र और पहचान पत्र जारी किए। उसने यह भरोसा भी दिलाया कि अगले महीने से उनके खाते में एक लाख रुपये मासिक वेतन और सरकारी आवास सुविधा मिलेगी। विश्वास में आकर पीड़ितों ने अप्रैल से दिसंबर 2023 तक अलग-अलग किश्तों में कुल पैंतीस लाख रुपये दिए। कभी नकद तो कभी बैंक के जरिये। लेकिन जब महीनों गुजर गए और वेतन नहीं आया, तब संदेह गहराया।

पीड़ितों की शिकायत पर अभनपुर थाना में धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी विजय चौरसिया फिलहाल फरार है। जल्द ही गिरफ्तार की जाएगी ।डॉ.लाल उमेंद सिंह, एसएसपी
पैसे लौटाने की मांग पर गाली-गलौज ..
जब अनिल और रौशन ने विजय चौरसिया से पैसे लौटाने की मांग की, तो उसने फोन पर गाली-गलौज करते हुए कहा, जो करना है कर लो, मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे। शक होने पर दोनों ने रायपुर स्थित एमएसएमईपीसीआई कार्यालय जाकर जानकारी ली, जहां स्पष्ट हुआ कि ऐसी कोई नियुक्ति या चेयरमैन पद की प्रक्रिया संस्था में चल ही नहीं रही थी। सभी दस्तावेज नकली निकले।
सावधान रहें:
- किसी भी सरकारी पद या अनुबंध के लिए पैसे की मांग करने वाले व्यक्ति पर विश्वास न करें।
- सरकारी नियुक्तियां केवल आधिकारिक पोर्टल और अधिसूचनाओं के माध्यम से की जाती हैं।
- संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत साइबर सेल या नजदीकी थाने में शिकायत करें।







