रायपुर। कभी घर की चौखट तक सीमित रहने वाली महिलाएं आज नवा रायपुर की सड़कों पर आत्मविश्वास के साथ ई-ऑटो दौड़ा रही हैं। यात्रियों को सुरक्षित सफर उपलब्ध कराने के साथ वे अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार भी बन रही हैं। महिला सशक्तिकरण और हरित परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘प्रोजेक्ट पिंक दीदी योजना अब सफलता की नई कहानी लिख रही है। पिंक ऑटो प्रोजेक्ट के द्वितीय चरण का शुभारंभ किया गया। वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी एवं मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने नवा रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में पिंक ई-ऑटो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
पहले चरण में 40 महिलाओं ने संभाली कमानपरियोजना का पहला चरण 11 अप्रैल 2025 को शुरू किया गया था। इसके तहत अभनपुर और आरंग विकासखंड के 40 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर ई-ऑटो संचालन से जोड़ा गया। महिलाओं को वाहन संचालन, यातायात नियमों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्होंने सड़कों पर उतरकर अपनी नई पहचान बनाई। आज ये महिलाएं प्रतिमाह 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। रैपिडो ऐप से जुड़ने के कारण उन्हें नियमित बुकिंग मिल रही है और वे यात्रियों को सुविधाजनक परिवहन सेवा उपलब्ध करा रही हैं।
बदली जिंदगी, बढ़ा आत्मविश्वास
अभनपुर की एक हितग्राही महिला बताती हैं, ‘पहले मैं केवल घर के कामकाज तक सीमित थी। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद ई-ऑटो चलाने का प्रशिक्षण मिला। ई-ऑटो चला रही महिलाएं प्रतिमाह इससे बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं। सबसे बड़ी खुशी यह है कि अब लोग मुझे एक आत्मनिर्भर महिला के रूप में पहचानते हैं। ‘
आरंग की चंद्रिका साहू कहती हैं, ‘शुरुआत में ई-ऑटो चलाने को लेकर संकोच था, लेकिन प्रशिक्षण के बाद आत्मविश्वास बढ़ा। आज मैं स्वयं वाहन चलाकर यात्रियों को सुरक्षित सेवा दे रही हूं। इस रोजगार ने मुझे आर्थिक स्वतंत्रता के साथ सम्मान भी दिया है। ‘
पलौद की राधा बताती हैं, ‘रैपिडो ऐप से जुड़ने के बाद यात्रियों तक पहुंच आसान हो गई है। पहले आय का कोई स्थायी साधन नहीं था, लेकिन अब नियमित कमाई हो रही है। इस परियोजना ने मेरे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। ‘
एयरपोर्ट से मंत्रालय तक दौड़ रही पिंक दीदीजिला पंचायत रायपुर के योजना प्रभारी निलेश सिंह बघेल के अनुसार,पिंक दीदी ई-ऑटो सेवा अब नवा रायपुर के प्रमुख स्थानों तक अपनी पहुंच बना चुकी है। ये ई-ऑटो स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, सत्य साई हॉस्पिटल, जंगल सफारी, मंत्रालय, मुक्तांगन समेत शहर के विभिन्न हिस्सों में बुकिंग के आधार पर यात्रियों को सेवा प्रदान कर रहे हैं।
महिलाओं के लिए कैसे होता है चयन? योजना के तहत सबसे पहले गांवों का चयन किया जाता है। चयनित हितग्राही की आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्रशिक्षण में भाग लेने की क्षमता आवश्यक है। हितग्राही को ग्राम संगठन में 10 हजार रुपये जमा करने होते हैं तथा प्रति माह 500 रुपये का अंशदान देना होता है। इसके बाद 16 दिनों का ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जाता है और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया जाता है। रैपिडो से जुड़ने पर प्रत्येक बुकिंग पर अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी मिलती है।
महिला सशक्तिकरण का बन रहा मॉडल
रायपुर कलेक्टरडॉ. गौरव कुमार सिंह
रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह कहते हैं, ‘प्रोजेक्ट पिंक दीदी न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है, बल्कि नवा रायपुर में प्रदूषण मुक्त परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा दे रहा है। यह पहल महिला उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और हरित परिवहन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभर रही है। ‘
फैक्ट फाइल प्रथम चरण में 40 महिलाओं को मिला ई-ऑटो दूसरे चरण में 52 नई हितग्राही होंगी शामिल महिलाओं की मासिक आय 15 से 20 हजार रुपये तक 16 दिन का ड्राइविंग प्रशिक्षण अनिवार्य रैपिडो ऐप से जुड़कर मिल रही नियमित बुकिंग प्रदूषण मुक्त परिवहन को मिल रहा बढ़ावा
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