श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई (एसएसपीयू) में राष्ट्रीय हैकथॉन
भिलाई । एसएसपीयू, भिलाई में 3 एवं 4 नवंबर 2025 को आयोजित हो रही दो-दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की हैकथॉन प्रतियोगिता हैकओमेनिया 2K25 – ग्रैंड फिनाले का उद्घाटन समारोह आज बड़ी धूमधाम से संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IIT-भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
शुभारंभ समारोह में मुख्य वक्ताओं के उद्बोधन

- जहाँ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आई. पी. मिश्रा ने कहा कि टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर हमें आगे बढ़ना चाहिए तथा आज के युवा भारत के विकास-चुनौतियों के समाधान हेतु नवाचार एवं अनुसंधान में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
- इसके बाद कार्यक्रम में वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. जया मिश्रा (प्रेसिडेंट, गंगाजली एजुकेशन सोसाइटी) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि यह आज की जरूरत बन चुका है।
- अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति ए. के. झा ने यह बताया कि इस स्तर का आयोजन पहली ही कोशिश में संभव हुआ है, जो आयोजन समिति की प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट व्यवस्थापन का परिणाम है। उन्होंने आयोजन समिति, संकाय सदस्यों एवं सहयोगी संस्थानों को बधाई दी।
आयोजन का उद्देश्य एवं भागीदारी
इस हैकथॉन का मुख्य उद्देश्य देशभर के युवा नवोन्मेषकों, डेवलपर्स एवं टेक्नोलॉजी प्रेमियों को एक मंच पर लाना है, ताकि वे वास्तविक-विश्व की समस्याओं के समाधान हेतु नवीन तकनीकी विचार प्रस्तुत कर सकें।
प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से टीमों ने भाग लिया है। आयोजन को सफल बनाने में कई प्रायोजक संस्थाओं ने योगदान दिया है — जिनमें लॉग एक्स हंट, बिटकोडर्स, इंटरबिज, 4‑D एजुकेशन हब आदि स्टार्ट-अप शामिल हैं।
छात्र-संस्कृति एवं आगे की दिशा
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताएँ छात्रों में नवाचार-दृष्टि, तकनीकी कौशल एवं स्टार्टअप संस्कृति को मजबूती देती हैं। हैकथॉन के समापन पर विजेता टीमों को पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
अनुभव रहा कि प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है तथा आयोजन-व्यवस्थाओं में पूरी तैयारी की गई है।

समारोह में उपस्थित प्रमुख लोग
इस अवसर पर विकास निदेशक डॉ. सुशील चंद्र तिवारी, कुलसचिव डॉ. स्मिता सेलट, एसएसटीसी निदेशक पी. बी. देशमुख, कुलानुशासक डॉ. गोबिंद शर्मा, उपकुलसचिव डॉ. श्रुति तिवारी, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर श्रीमती ऋचा शुक्ला आदि के साथ-साथ बड़ी संख्या में शिक्षक-गण एवं छात्र-छात्राएँ मौजूद रहे और विश्वविद्यालय की इस उपलब्धि के साक्षी बने।







