स्टेटकॉन 2026 में टाउन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और पारदर्शी नीतियों पर मंथन
महानगरों की गलतियों से सबक लेकर छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरों की तैयारी, 2047 तक विकास का नया रोडमैप

रायपुर। छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ते शहरीकरण को अब केवल रियल एस्टेट विस्तार के बजाय दीर्घकालिक आर्थिक विकास और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़कर देखने की तैयारी है। रायपुर में आयोजित ‘स्टेटकॉन 2026’ में सरकार, प्रशासन और रियल एस्टेट सेक्टर के प्रतिनिधियों ने 2047 तक राज्य के शहरों को सुनियोजित, आधुनिक और निवेश के अनुकूल बनाने की दिशा में नई नीतियों और विकास मॉडल पर मंथन किया।
सम्मेलन में खासतौर पर इस बात पर जोर रहा कि शहरों का विस्तार भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर हो। अनियोजित महानगरीय विस्तार से पैदा होने वाली चुनौतियों से बचते हुए टाउन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को एक साथ आगे बढ़ाने की जरूरत बताई गई। गुजरात और तेलंगाना के शहरी विकास मॉडलों से सीख लेने का सुझाव भी सामने आया।

‘रिफॉर्म्स टू रियलिटी: शेपिंग सीजीज ग्रोथ’ सत्र में प्रशासनिक अधिकारियों और क्रेडाई प्रतिनिधियों के बीच राज्य की विकास नीतियों को लेकर संवाद हुआ। अधिकारियों ने रियल एस्टेट सेक्टर को राज्य के विकास में भागीदार बनाने और सरकार-प्रशासन व डेवलपर्स के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया।

सम्मेलन के दूसरे सत्र में क्रेडाई के राष्ट्रीय नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ में शहरीकरण की दीर्घकालिक रणनीति पर विचार रखे। चर्चा का प्रमुख मुद्दा यह रहा कि आने वाले वर्षों में शहरों के विस्तार को आवासीय परियोजनाओं तक सीमित रखने के बजाय परिवहन, सार्वजनिक सुविधाओं, पर्यावरण और आर्थिक गतिविधियों के साथ जोड़कर देखा जाए।

उद्योग जगत की ओर से भी अगले दो दशकों में देश में औद्योगिक और कारोबारी अवसरों की संभावनाओं पर चर्चा हुई। स्मार्ट और भविष्य के शहरों के निर्माण के साथ बिजनेस और सामाजिक दृष्टिकोण के बीच संतुलन की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
शाम के सत्र में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने विकसित छत्तीसगढ़ के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े विषयों पर राज्य सरकार का दृष्टिकोण साझा किया। सम्मेलन में पारदर्शी नीतियों और बेहतर निवेश वातावरण को राज्य के आर्थिक विस्तार से जोड़कर देखा गया।
रियल एस्टेट सेक्टर के लिए इसका महत्वस्टेटकॉन में हुई चर्चा का महत्व केवल डेवलपर्स तक सीमित नहीं है। सुनियोजित शहरीकरण बढ़ने से निर्माण के साथ सीमेंट, स्टील, वित्तीय सेवाओं, आर्किटेक्चर, इंटीरियर, लॉजिस्टिक्स और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में भी कारोबारी गतिविधियों का विस्तार हो सकता है। ऐसे में आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ का शहरी विकास राज्य के रियल एस्टेट सेक्टर के साथ-साथ व्यापक निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाला प्रमुख क्षेत्र बन सकता है।
क्रेडाई छत्तीसगढ़ ने राज्य के विकास में अपनी भागीदारी जारी रखने और सरकार की नीतियों के साथ समन्वय बनाकर आधुनिक, सुनियोजित और पर्यावरण-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण में योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई।







