355 से बढ़ाकर 425 रुपये हुई खरीदी दर, 2025-26 सत्र के किसानों को भी मिलेगा बढ़ा हुआ भुगतान
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए गन्ने का खरीदी मूल्य 355 रुपये से बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लिए गए इस फैसले के बाद गन्ना किसानों को प्रति क्विंटल 70 रुपये अधिक मिलेंगे। खास बात यह है कि नई दर पेराई सत्र 2025-26 से ही लागू होगी। पहले ही गन्ना बेच चुके किसानों को भी बढ़ी हुई दर के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

इस फैसले के साथ छत्तीसगढ़ गन्ने की घोषित खरीदी दर के मामले में देश में सबसे आगे हो गया है। उत्तर प्रदेश में अगैती गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य 400 रुपये, हरियाणा में 415 रुपये और पंजाब में 416 रुपये प्रति क्विंटल है। वहीं, छत्तीसगढ़ में किसानों को अब 425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाताओं की खुशहाली ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि का आधार है। सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल दिलाना, खेती को लाभकारी बनाना और किसान परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त करना है। किसानों के हितों को ध्यान में रखकर लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं।
31 हजार से अधिक किसानों को मिलेगा लाभ राज्य की चार सहकारी शक्कर मिलों से जुड़े 31 हजार से अधिक किसानों को लगभग 51.09 करोड़ रुपये का बोनस वितरित किया जाएगा। गन्ने की खरीदी दर में बढ़ोतरी से किसानों की आमदनी में इजाफा होगा और गन्ने की खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।
चार सहकारी शक्कर कारखानों से होती है खरीदी छत्तीसगढ़ में भोरमदेव सहकारी चीनी मिल (कवर्धा), महामाया सहकारी चीनी मिल (सूरजपुर), सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी चीनी मिल (पंडरिया) और मां दंतेश्वरी मैय्या सहकारी चीनी मिल (बालोद) संचालित हैं। प्रदेश में हर साल लगभग 18.6 लाख से 20.4 लाख टन गन्ने का उत्पादन होता है। कबीरधाम, सूरजपुर, सरगुजा, दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर सहित विभिन्न जिलों में गन्ने की खेती की जाती है।
गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आने वाले समय में गन्ने की खेती के प्रति किसानों का रुझान बढ़ेगा।








