सारसमाल में कर्मा पूजा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, मांदर की थाप पर समाजजनों के साथ किया पारंपरिक कर्मा नृत्य
भगवान करम देव की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की
शिक्षा ही समाज की प्रगति का सबसे सशक्त माध्यम, युवा बड़े लक्ष्य तय करें और आगे बढ़ें : मुख्यमंत्री
रायगढ़। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तमनार विकासखंड के ग्राम सारसमाल में आयोजित कर्मा पूजा महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने भगवान करम देव, भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। कर्मा दलों के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने मांदर बजाया और समाजजनों के साथ पारंपरिक कर्मा नृत्य भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज का इतिहास शौर्य, स्वाभिमान और प्रकृति के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की परंपरा पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायी है। कर्मा पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, सामूहिकता और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह और गुंडाधुर जैसे जनजातीय महापुरुषों के योगदान को याद करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और बलिदान से परिचित कराना जरूरी है। सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क और पेयजल जैसी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से शिक्षा को प्रगति का आधार बनाकर ऊंचे लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालयों और नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं से विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। दिल्ली में जनजातीय विद्यार्थियों के छात्रावास की क्षमता बढ़ाकर 200 सीट की गई है।
उन्होंने कहा कि रोजगार मेलों, कौशल विकास और औद्योगिक निवेश के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम-जनमन के जरिए जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।








