कालाबाजारी रोकने के लिए 5,466 निरीक्षण कर कार्रवाई की गई
रायपुर, 31 जुलाई 2026। राज्य सरकार कृषि को लाभकारी, तकनीक आधारित और किसान-केंद्रित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने संयुक्त प्रेसवार्ता में बताया कि खरीफ 2026 के लिए निर्धारित 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों के लक्ष्य के विरुद्ध 30 जुलाई तक 15.16 लाख मीट्रिक टन (98 प्रतिशत) उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है।

किसानों द्वारा अब तक 10.23 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उठाया जा चुका है, जबकि 4.93 लाख मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध है। प्रमाणित बीजों का भी लगभग 98 प्रतिशत भंडारण सुनिश्चित किया गया है। कालाबाजारी रोकने के लिए 5,466 निरीक्षण कर कार्रवाई की गई है।

प्रेसवार्ता में बताया गया कि कृषक उन्नति योजना के तहत खरीफ 2023 से खरीफ 2025 तक 25.52 लाख किसानों को डीबीटी के माध्यम से 35,892.90 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। वहीं प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त के रूप में 24.63 लाख किसानों को 493 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है।

देश में खरीफ बोनी का 83 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। कृषि यंत्रीकरण के तहत 7,745 किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं तथा 568 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित किए गए हैं। ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई, प्राकृतिक खेती और एग्रीस्टैक जैसी पहल से खेती में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा मिल रहा है। उद्यानिकी क्षेत्र 8.91 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है, जबकि दूध, अंडा, मांस और मत्स्य उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
राज्य का मत्स्य उत्पादन 23 प्रतिशत बढ़कर 9.59 लाख टन हो गया है। ई-नाम, कृषि अधोसंरचना, बीज गुणवत्ता और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के माध्यम से राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।






