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“Frido मोबिलिटी स्कूटर: अब नहीं रुकेगी सीनियर सिटिज़न की आज़ादी: सजल जैन

अरिहंत फैसिलिटीज “हम mobility नहीं, बल्की बुजुर्गों को घूमने – टहलने की freedom बेचते हैं

frido सेmovida ग्रुप का एक व्यवसायिक समझौता

दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Frido, एक अग्रणी इंडियन ब्रांड जो मोबिलिटी सॉल्यूशन्स में नवाचार ला रहा है, अब सीनियर सिटिज़न, differently-abled और mobility challenges से जूझ रहे लोगों के लिए independence की नई परिभाषा बन चुका है।अरिहंत मैनेजमेंट फैसिलिटीज के सजल जैन जी व्यवसाय खबर को दिए इंटरव्यू में कहते हैं “हम mobility नहीं, बल्की बुजुर्गों को घूमने – टहलने की freedom बेचते हैं। जिसके अंतर्गत frido सेmovida ग्रुप(दिल्ली) का एक व्यवसायिक समझौता है। हम बेहतर सुविधा देने के लिए पूरा प्रयास कर रहें है। हमारा मकसद है कि हर भारतीय अर्थात (बुजुर्ग) अपनी जिंदगी एक जगह या किसी के भरोसे के बजाय अपने तरीके से जी सके — वह भी बिना किसी रुकावट के । आपको बताते खुशी हो रही कि प्रोडक्ट को लेकर बहुत मांग आ रही है।

अधिक जानकारी के लिए कॉर्पोरेट ऑफिस में संपर्क करें..

Frido स्कूटर क्यों है खास?

कॉम्पैक्ट और फोल्डेबल डिज़ाइन – घर में रखें या कार में रखें, कहीं भी फिट

Long Battery Life – एक बार चार्ज करने पर लंबी दूरी तय करें

कंफर्टेबल सीट और स्मार्ट कंट्रोल्स – ताकि हर सफ़र हो smooth और safe

व्यवसाय खबरसे विशेष बातचीत

सजल जैन जी कहते हैं स्कूटर को भारतीय सड़कों के पैटन को देखते हुए डिज़ाइन किया गया है। जोकि uneven रास्तों पर भी भरोसेमंद परफॉर्मेंस दे रहा है। एक सर्वे की रिपोर्ट को देखे तो जापान जैसी कंट्री की तरह ही अब भारत में सीनियर पॉपुलेशन तेज़ी से बढ़ रही है। ऐसे में पैर या घुटनों की दिक्कत में mobility सॉल्यूशन्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है। जिससे Frido जैसे ब्रांड्स के साथ मिलकर हम यानी अरिहंत फैसेलिटीज मूवीदा बैनर के अंतर्गत इस सेगमेंट को आधुनिक टेक्नोलॉजी और यूज़र-फ्रेंडली डिज़ाइन से redefine कर रहे हैं।अब किसी के भरोसे की जरूरत नहीं, क्योंकि अपना साथी frido है ना..

पहले मैं घर से निकलने में डरता था… अब Frido स्कूटर है, तो दुनिया मेरी है!

यह कहना है दिल्ली रहवासी 68 वर्षीय रमेश कुमार जी का, जो पिछले पांच साल से घुटनों की तकलीफ से जूझ रहे थे। सीमित चलने-फिरने की वजह से उनका सामाजिक जिंदगी लगभग रुक सा गया था।— जब तक कि उन्होंने Frido मोबिलिटी स्कूटर नहीं अपनाया।यह कहानी केवल रमेश कुमार जी की नहीं, बल्की उनके जैसे कई लोगों की है, जिन्हे बढ़ती उम्र या पैर में तकलीफ होने के कारण एक ही जगह या कहे किसी के भरोसे का इंतजार रहता था। जिससे उन्हें अब आजादी मिल गई है।

समाज में कुछ बेहतर और उससे ज्यादा नवाचार की खबरे। व्यवसाय खबर डॉट कॉम का लक्ष्य नकारात्मक के बजाय सकारात्मक खबरों से समाज के हर वर्ग जागरूक किया जाय । पुरी कोशिश की सही और निष्पक्ष-मंथन के बाद खबरे वेबसाइट पर प्रकाशित हो।। पत्रकारिता से गहरा लगाव, सोच यही…

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