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छत्तीसगढ़ में मानसून सुस्त: 21% कम बारिश से खेती प्रभावित, 13 जुलाई से तेज वर्षा की उम्मीद

मौसम विभाग ने 13 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार जुलाई के दूसरे सप्ताह में धीमी पड़ गई है। 1 जून से 11 जुलाई तक प्रदेश में 252.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 320.6 मिमी है। यानी राज्य में अब तक 21 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने 13 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना जताई है, जिससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने रविवार के लिए सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर और जशपुर जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

प्रदेश के 32 में से 16 जिले सामान्य से कम बारिश झेल रहे हैं। सबसे अधिक कमी सरगुजा (-54%), जशपुर (-42%), कोरिया (-39%), सूरजपुर (-30%) और मनेन्द्रगढ़-भरतपुर (-29%) में दर्ज की गई है। बस्तर संभाग में भी अधिकांश जिलों में वर्षा सामान्य से कम रही, जबकि दंतेवाड़ा और नारायणपुर में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है।

बारिश की कमी का सबसे ज्यादा असर खरीफ फसलों, विशेषकर धान की बुवाई पर पड़ा है। पहले हुई तेज बारिश से कई खेतों में धान बह गया, जबकि बाद में बारिश थमने से अंकुरण प्रभावित हुआ और किसानों को दोबारा बुवाई करनी पड़ी। रोपा पद्धति के लिए भी अभी पर्याप्त नमी नहीं बन सकी है।

कृषि वैज्ञानिक डॉ. घनश्याम साहू ने किसानों को धान के बीज घर पर अंकुरित कर खेत तैयार होते ही लेही (ब्रॉडकास्ट) विधि से बुवाई करने की सलाह दी है। उनके अनुसार, यदि 13 से 15 जुलाई के बीच अच्छी बारिश होती है तो खेतों में पर्याप्त नमी बनेगी और खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से नमी लाने वाले दो चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां फिर तेज होने की संभावना है।

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