डायरेक्टर नम्रता सिंह ने कहा कि आज प्रकृति का संतुलन तेजी से बिगड़ रहा है
रायपुर। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उर्मिला फाउंडेशन ने एक सराहनीय पहल करते हुए पौधारोपण अभियान का आयोजन किया तथा लगभग 1000 पौधों का वितरण किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए फाउंडेशन की डायरेक्टर नम्रता सिंह ने कहा कि आज प्रकृति का संतुलन तेजी से बिगड़ रहा है, जो पूरी मानव सभ्यता के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लगातार घटते जंगल, बढ़ता शहरीकरण, पॉलिथीन का अत्यधिक उपयोग और गिरता भूजल स्तर आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। अक्सर देखा जाता है कि लोग उत्साह में पौधे तो लगा देते हैं, लेकिन उचित देखरेख के अभाव में वे वृक्ष बनने से पहले ही नष्ट हो जाते हैं। ऐसे में पौधारोपण अभियान का वास्तविक उद्देश्य अधूरा रह जाता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने पर्यावरण और सामाजिक जीवन में आ रहे बदलावों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एक समय था जब हर घर के आंगन में पेड़-पौधे होते थे और पारिवारिक आयोजन भी उनकी छांव में संपन्न होते थे, लेकिन आधुनिक जीवनशैली के कारण यह परंपरा धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। इसका सीधा प्रभाव पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ रहा है।
फाउंडेशन ने जंगलों के लगातार घटने से वन्यजीवों के मानव बस्तियों की ओर बढ़ते रुख को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। वक्ताओं ने कहा कि यह प्रकृति के असंतुलन का स्पष्ट संकेत है, जिसे समय रहते रोकना आवश्यक है।
नागरिकों को पौधे भेंट किए गएइस अवसर पर उपस्थित अतिथियों और नागरिकों को पौधे भेंट किए गए तथा उनके संरक्षण की शपथ दिलाई गई। साथ ही प्लास्टिक का उपयोग कम करने, स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का संकल्प भी लिया गया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाएंकार्यक्रम के अंत में उर्मिला फाउंडेशन ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे केवल विश्व पर्यावरण दिवस या विशेष अवसरों पर ही नहीं, बल्कि वर्षभर पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। फाउंडेशन का मानना है कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और सुरक्षित भविष्य प्रदान कर सकता है।