रायपुर, 3 अगस्त। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में सेवानिवृत्त शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। पेंशन, महंगाई राहत और अन्य वैधानिक देयकों के भुगतान की मांग को लेकर सेवानिवृत्त शिक्षक संघ द्वारा चलाया जा रहा धरना सोमवार को छठे दिन भी जारी रहा।
सेवानिवृत्त शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग दो वर्षों से पेंशन, महंगाई राहत एवं अन्य वैधानिक अधिकारों के भुगतान को लेकर लगातार मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। संघ ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के प्रशासनिक मुखिया कुलपति के मुख्यालय से बाहर होने के कारण समस्या के समाधान में देरी हो रही है।
संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज संघ अध्यक्ष डॉ. एन. के. चौबे के नेतृत्व में लेखानियंत्रक से सौहार्दपूर्ण वातावरण में विस्तृत चर्चा की। लेखानियंत्रक ने आश्वासन दिया कि जल्द ही सभी लंबित पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि 58 प्रतिशत महंगाई राहत के आदेश को जारी करने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।


संघ अध्यक्ष डॉ. एन. के. चौबे ने कहा कि यह आंदोलन केवल आश्वासन लेने के लिए नहीं है, बल्कि सेवानिवृत्त शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र पेंशन प्रकरणों का निराकरण नहीं किया गया और महंगाई राहत का आदेश जारी नहीं हुआ तो संघ आंदोलन को और व्यापक करने पर विचार करेगा।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त प्रोफेसरों को वर्षों तक उनके वैधानिक अधिकारों से वंचित रखना किसी भी संवेदनशील प्रशासन के लिए उचित नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल निर्णय लेते हुए सेवानिवृत्त शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि पेंशन एवं अन्य लंबित भुगतान संबंधी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनका अधिकार शीघ्र प्रदान किया जाए।








