संसद के मकर द्वार पर पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक व्यक्ति ने राम मंदिर से जुड़े सवाल पर हंगामा किया, जिसके बाद हाथापाई हुई।
HighLights
- संसद के मकर द्वार पर पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हाथापाई।
- एक व्यक्ति ने राम मंदिर से जुड़े सवाल पर हंगामा किया।
- पप्पू यादव का दावा, हमलावर चाकू लेकर मारने आया था।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। संसद के मकर द्वार के बाहर निर्दलीय सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय हाथापाई हो गई, जब एक व्यक्ति ने विपक्ष के राम मंदिर से जुड़े नाटक पर उनसे सवाल किया। विवाद बढ़ने के बाद घटनास्थल के वीडियो में पार्टी समर्थकों को उस व्यक्ति के साथ उलझते हुए देखा गया।
समाचार एजेंसी पीटीआई द्वारा जारी विजुअल्स के अनुसार, हाथापाई के समय कथित हमलावार के पास चाकू था।
राम मंदिर पर सवाल के बाद बढ़ा विवाद

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक व्यक्ति ने विपक्ष और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर सवाल पूछा। जवाब के दौरान माहौल गर्मा गया और देखते ही देखते समर्थकों तथा उस व्यक्ति के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

एक दिन पहले वाराणसी में दर्ज हुई थी एफआईआर
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एक दिन पहले वाराणसी पुलिस ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव, समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद सहित कई विपक्षी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।एफआईआर संसद परिसर में हुए उस विरोध प्रदर्शन को लेकर दर्ज की गई है, जिसमें कथित तौर पर सनातन धर्म का अपमान और धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया गया है।
साधुओं की शिकायत पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, यह मामला साधु-संतों की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राम मंदिर निर्माण के लिए मिले दान में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर इंडी गठबंधन के सांसदों द्वारा संसद में प्रस्तुत सांकेतिक नाटक से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई की गई।
फिलहाल संसद परिसर में हुई हाथापाई और कथित चाकू मिलने की घटना की जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की पड़ताल कर रही हैं।
मैंने क्या अपराध किया?: सांसद के आरोपों से गरमाई सियासतपूर्णिया सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित चाकू से हमले और हंगामे के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया है। पप्पू यादव और उनके वकील ने इसे सुनियोजित हत्या की साजिश बताते हुए दिल्ली पुलिस पर सुरक्षा में लापरवाही और सत्तारूढ़ दल के साथ मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है।

क्या दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा देने में लापरवाही बरती?
कथित सुरक्षा चूक पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव के वकील ने आरोप लगाया कि लगातार मिल रही धमकियों की जानकारी देने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। उन्होंने एएनआई से कहा, ‘यह दिल्ली पुलिस की विफलता को उजागर करता है। इससे साफ पता चलता है कि दिल्ली पुलिस सत्तारूढ़ दल के साथ मिलीभगत कर एक छह बार के निर्वाचित सांसद के खिलाफ रची जा रही साजिश को बढ़ावा दे रही है। पिछले दो दिनों से हम लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे थे कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।
‘मैंने कौन-सा अपराध किया?
पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने केवल राम मंदिर में आए चंदे को लेकर सवाल उठाए थे और इसी कारण उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। अगर वहां लोग नहीं होते तो आज मैं बच नहीं पाता। मैंने कुछ गलत नहीं कहा। मैंने सिर्फ चंपत राय और गिरी से पूछा था कि 200 किलो चांदी कहां गई? सोना कहां गया? दिल्ली पुलिस पूरी तरह सक्षम है। मैं लंबे समय से सुरक्षा की मांग कर रहा हूं। आखिर मैंने कौन-सा अपराध किया है?
स्रोत: इंटरनेट (समाचार एजेंसी पीटीआई एवं विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स)







