यह क्षेत्र 27 से अधिक पर्यटन स्थलों के साथ देश का प्रमुख पर्यटन गंतव्य बन चुका
एकता नगर (गुजरात)। कभी नर्मदा किनारे बसे इस क्षेत्र की पहचान खेती और पशुपालन तक सीमित थी। आज यही इलाका दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के साथ देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे पर्यटन केंद्रों में शामिल है। यहां इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं, महिलाएं ई-रिक्शा चला रही हैं, स्थानीय युवा टूरिस्ट गाइड बन रहे हैं और हजारों परिवारों की आय का नया आधार पर्यटन बन चुका है। यह बदलाव केवल पर्यटन का नहीं, बल्कि सुनियोजित विकास की सफल कहानी है।

उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहींपत्र सूचना कार्यालय, रायपुर के अध्ययन दौरे पर पहुंचे मीडिया प्रतिनिधियों को स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस अथॉरिटी (SOUADTG) के अतिरिक्त कलेक्टर नारायण मधु ने बताया कि एकता नगर का विकास दीर्घकालिक मास्टर प्लान के तहत किया जा रहा है। उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि पर्यटन को रोजगार, पर्यावरण, आधुनिक परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।
एकता नगर की बड़ी उपलब्धियां
- 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा।
- 27 से अधिक प्रमुख पर्यटन आकर्षण विकसित।
- 55 इलेक्ट्रिक बसें और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था।
- 40 लाख पौधारोपण से हरित विकास को बढ़ावा।
- 3,000 से अधिक होटल कमरे, पीक सीजन में प्रतिदिन 80 हजार से 1 लाख पर्यटक।
- महिलाओं की पिंक ई-रिक्शा सेवा और स्थानीय युवाओं के लिए कौशल विकास केंद्र।
- पर्यटन से खेती आधारित अर्थव्यवस्था रोजगार आधारित सेवा अर्थव्यवस्था में बदली।

देश का प्रमुख पर्यटन गंतव्य बन चुका हैसरदार सरोवर परियोजना ने इस बदलाव की नींव रखी। वर्ष 2018 में 182 मीटर ऊंची स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के उद्घाटन के बाद एकता नगर वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर उभरा। इसके बाद यहां लगातार नए आकर्षण विकसित किए गए और आज यह क्षेत्र 27 से अधिक पर्यटन स्थलों के साथ देश का प्रमुख पर्यटन गंतव्य बन चुका है।

पिंक ई-रिक्शा सेवा आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गईपर्यटन ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी है। पहले जहां अधिकांश परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर थे, वहीं अब होटल, परिवहन, गाइड सेवा, हाउसकीपिंग, सुरक्षा, स्ट्रीट वेंडिंग और अन्य पर्यटन गतिविधियों में हजारों लोगों को रोजगार मिला है। महिलाओं के लिए शुरू की गई पिंक ई-रिक्शा सेवा आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गई है, जबकि कौशल विकास केंद्र स्थानीय युवाओं को पर्यटन उद्योग के अनुरूप प्रशिक्षित कर रहे हैं।

पांच वर्षों में लगभग 40 लाख पौधे लगाए गए हैंएकता नगर को पर्यावरण अनुकूल शहर के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। 55 इलेक्ट्रिक बसों के साथ ई-बाइक, ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक गोल्फ कार जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। पिछले पांच वर्षों में लगभग 40 लाख पौधे लगाए गए हैं। ग्रीन रेलवे स्टेशन, मियावाकी वन, स्मार्ट बस स्टॉप, साइकिल ट्रैक और दिव्यांग अनुकूल सुविधाएं इसे आधुनिक और टिकाऊ पर्यटन मॉडल बनाती हैं।

आज एकता नगर सिर्फ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का पता नहीं, बल्कि इस बात का उदाहरण है कि सुनियोजित पर्यटन किसी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था, रोजगार, पर्यावरण और लोगों के जीवन स्तर को कैसे बदल सकता है।








