गुजरात के अध्ययन दौरे पर पहुंचे मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने वडोदरा स्थित इस प्लांट का दौरा किया।
परियोजना की प्रमुख बातें
- स्थान: गुजरात रिफाइनरी, वडोदरा (डुमाड)
- निवेश: ₹5,894 करोड़
- मुख्य उत्पाद: एक्रिलिक एसिड, ब्यूटिल एक्रिलेट, एन-ब्यूटानॉल
- उपयोग: पेंट, प्लास्टिक, कोटिंग्स, एडहेसिव, टेक्सटाइल व अन्य उद्योग
- रोजगार: निर्माण के दौरान 27 लाख मानव-दिवस
- विशेषता: आयात निर्भरता में कमी, विदेशी मुद्रा की बचत और एमएसएमई को घरेलू कच्चे माल की उपलब्धता।
वडोदरा। भारत के पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नई गति देते हुए इंडियनऑयल की गुजरात रिफाइनरी स्थित एक्रिलिक्स/ऑक्सो-अल्कोहल प्लांट ने स्वदेशी उत्पादन का नया आयाम स्थापित किया है। इस अत्याधुनिक परियोजना के माध्यम से अब उन महत्वपूर्ण पेट्रोकेमिकल उत्पादों का देश में ही उत्पादन संभव हो गया है, जिनके लिए भारत पहले बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर था। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होने के साथ घरेलू उद्योगों को कच्चे माल की स्थिर उपलब्धता भी सुनिश्चित होगी।

20 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया थागुजरात के अध्ययन दौरे पर पहुंचे मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने वडोदरा स्थित इस प्लांट का दौरा किया। इंडियनऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (तकनीकी सेवाएं) के. सुभाष ने बताया कि 5,894 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस कॉम्प्लेक्स में एक्रिलिक एसिड, ब्यूटिल एक्रिलेट और एन-ब्यूटानॉल जैसी उच्च मूल्य की पेट्रोकेमिकल इकाइयों के साथ आधुनिक हाइड्रोजन उत्पादन सुविधा भी स्थापित की गई है। इस परियोजना का उद्घाटन 20 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था।
देश की आपूर्ति श्रृंखला और मजबूत बनेगीप्लांट में तैयार होने वाले उत्पादों का उपयोग पेंट, प्लास्टिक, कोटिंग्स, एडहेसिव, टेक्सटाइल और अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण में किया जाएगा। इससे डाउनस्ट्रीम उद्योगों और एमएसएमई क्षेत्र को आयात पर निर्भर हुए बिना गुणवत्तापूर्ण कच्चा माल उपलब्ध होगा तथा देश की आपूर्ति श्रृंखला और मजबूत बनेगी।

परियोजना के निर्माण के दौरान लगभग 27 लाख मानव-दिवस रोजगार का सृजन हुआ, जबकि 4.5 करोड़ सुरक्षित मानव-घंटों के साथ इसका निर्माण पूरा किया गया, जो उच्च सुरक्षा मानकों का प्रमाण है।
क्षमता बढ़ाकर 18 एमएमटीपीए की जा रही हैवर्ष 1966 में स्थापित गुजरात रिफाइनरी वर्तमान में 13.7 एमएमटीपीए क्षमता के साथ इंडियनऑयल की प्रमुख रिफाइनरियों में शामिल है। LuPech परियोजना के तहत इसकी क्षमता बढ़ाकर 18 एमएमटीपीए की जा रही है। ऊर्जा से लेकर पेट्रोकेमिकल क्षेत्र तक इंडियनऑयल की यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को मजबूत करने के साथ भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।








