ओ.पी. चौधरी ने कहा केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है
रायपुर, 12 जुलाई। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं तथा उद्योगों को उत्पादन के साथ पर्यावरणीय जिम्मेदारियों का भी गंभीरता से पालन करना होगा। रायपुर में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवित रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
वृक्षारोपण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी अनिवार्य होगी
मंत्री ने सभी औद्योगिक इकाइयों को 31 जुलाई तक वृक्षारोपण लक्ष्य पूरा करने और 15 अगस्त तक गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर उद्योग अपने परिसर के कम से कम 33 प्रतिशत क्षेत्र में ग्रीन बेल्ट विकसित करे, प्रति हेक्टेयर 2,500 पौधे लगाए जाएं तथा पीपल, नीम, शिरीष, आम और कटहल जैसी देशी प्रजातियों को प्राथमिकता दी जाए। वृक्षारोपण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग भी अनिवार्य होगी।

बर्ड आइलैंड का भी उल्लेख किया
उन्होंने बताया कि नवा रायपुर को “पीपल सिटी” के रूप में विकसित करने के लिए अगले पांच वर्षों में एक लाख से अधिक पीपल के पौधे लगाए जाएंगे। वहीं, सेंध लेक के सौंदर्यीकरण और मियावाकी पद्धति से विकसित किए जा रहे बर्ड आइलैंड का भी उल्लेख किया।
इस वर्ष 25 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया
बैठक में पर्यावरण संरक्षण मंडल ने बताया कि इस वर्ष 25 लाख पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे उद्योगों की सहभागिता से 30 लाख तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उद्योगों को पुनर्चक्रित जल के उपयोग और पर्यावरणीय मानकों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए गए।












