वर्ष 1964 से शुरू हुई ‘माहेश्वरी पब्लिसिटी सर्विस’ की यात्रा भी ऐसी ही एक कहानी
रायपुर, 31 जुलाई। कुछ सफर केवल वर्षों में नहीं, बल्कि भरोसे, रिश्तों और अनगिनत यादों में मापे जाते हैं। वर्ष 1964 से शुरू हुई ‘माहेश्वरी पब्लिसिटी सर्विस’ की यात्रा भी ऐसी ही एक कहानी है, जिसने छह दशकों तक मध्य भारत के विज्ञापन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई। अब इन्हीं सुनहरी यादों को साथ लेकर एजेंसी ने भविष्य की ओर एक नया कदम बढ़ाया है। ‘माहेश्वरी पब्लिसिटी सर्विस’ अब अपने नए ब्रांड नाम ‘maps:’ के साथ नए दौर में प्रवेश कर रही है।

अखबारों के ब्लैक एंड व्हाइट विज्ञापनों से लेकर रंगीन प्रिंट, रेडियो, टेलीविजन, होर्डिंग्स और आज के डिजिटल एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित दौर तक एजेंसी ने समय के हर बदलाव को न केवल देखा, बल्कि उसे अपनाया भी। यही वजह है कि छह दशक बाद भी यह नाम अपने क्लाइंट्स के विश्वास का पर्याय बना हुआ है।
एजेंसी के डायरेक्टर्स प्रकाश माहेश्वरी और पंकज माहेश्वरी का कहना है कि यह बदलाव केवल नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी की सोच, बदलती तकनीक और आधुनिक कम्युनिकेशन की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया एक रणनीतिक निर्णय है। उनका मानना है कि आज की पीढ़ी सरल, प्रभावी और याद रहने वाले नामों को अधिक सहजता से स्वीकार करती है। इसी सोच से ‘maps:’ का जन्म हुआ।

‘maps:’ केवल एक नया नाम नहीं, बल्कि एक नई सोच का प्रतीक है। जिस तरह एक नक्शा सही मंजिल तक पहुंचने का रास्ता दिखाता है, उसी तरह यह ब्रांड अपने क्लाइंट्स को सही रणनीति, सही माध्यम और सही ऑडियंस तक पहुंचाने का मार्ग तैयार करेगा।







