रायपुर। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (पीआरएसयू) में गुरुवार से नए नियुक्त शिक्षकों के लिए एक माह का ‘गुरु-दक्षता’ फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम शुरू हो गया। मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक चलेगा। इसमें देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों से 120 से अधिक शिक्षकों ने पंजीयन कराया है। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, डिजिटल तकनीकों, शोध एवं अकादमिक उत्कृष्टता के लिए तैयार करना है।
उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि एवं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला ने कहा कि बदलते शिक्षा परिदृश्य में शिक्षकों के लिए तकनीक के साथ निरंतर स्वयं को अपडेट रखना आवश्यक है। उन्होंने ऑडियो-विजुअल माध्यमों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और इंटरैक्टिव शिक्षण तकनीकों के अधिक उपयोग पर जोर देते हुए बहुविषयक शोध और नवाचार को समय की जरूरत बताया।
कार्यक्रम के दौरान देशभर के विशेषज्ञ शिक्षण कौशल, पाठ्यक्रम निर्माण, मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल टूल्स, शैक्षिक मनोविज्ञान तथा शोध पद्धतियों पर व्याख्यान और कार्यशालाएं आयोजित करेंगे। मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर की निदेशक प्रो. प्रीति के. सुरेश ने कहा कि नियुक्ति के शुरुआती चरण में इस तरह का प्रशिक्षण शिक्षकों को बेहतर अकादमिक और व्यावसायिक आधार प्रदान करेगा।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. बृजेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि यह शैक्षणिक सत्र 2026-27 का पहला फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम है। प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों के प्रोजेक्ट और पोर्टफोलियो का मूल्यांकन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रशिक्षित शिक्षक अपने संस्थानों में आधुनिक एवं छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों को प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगे।






