तीसरे संस्करण को लेकर जबरदस्त उत्साह, 3.83 लाख महिला खिलाड़ियों ने कराया पंजीयन
रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने इस रिकॉर्ड भागीदारी पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि बस्तरवासियों की रचनात्मक और खेल प्रतिभा को पहचानकर उन्हें खिलाड़ी के रूप में तैयार करने के उद्देश्य से लगातार तीसरे वर्ष बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। इसके पिछले दोनों संस्करणों ने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।

कांकेर जिला पंजीयन में सबसे आगे
जिलावार आंकड़ों में कांकेर 1,23,216 पंजीयन के साथ पहले स्थान पर है। बस्तर में 1,04,841, कोंडागांव में 85,584, सुकमा में 80,313, दंतेवाड़ा में 80,175, नारायणपुर में 63,506 और बीजापुर में 62,857 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया है।
11 खेल विधाओं में होंगे मुकाबले
प्रतियोगिताएं तीन स्तरों पर आयोजित होंगी। विकासखंड स्तर पर 4 से 6 नवंबर, जिला स्तर पर 16 से 25 नवंबर और संभाग स्तर पर 7 से 11 दिसंबर तक मुकाबले होंगे। प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी सहित 11 खेल शामिल हैं।
जूनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष के खिलाड़ी और सीनियर वर्ग में बिना आयु सीमा के महिला-पुरुष हिस्सा ले सकेंगे। प्रत्येक जिले से 410 विजेता खिलाड़ी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे।
इस आयोजन में नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए खिलाड़ियों और आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी विशेष अवसर दिया गया है। वे सीधे संभाग स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे। बस्तर ओलंपिक खेल प्रतिभाओं को मंच देने के साथ क्षेत्र के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल भी है।








