डॉ. गौरव के मार्गदर्शन में रायपुर जिले में कई उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं
डॉ. सिंह की कार्यशैली को जनसरोकारों से जुड़ा और परिणाम आधारित माना जाता है। यही कारण है कि प्रशासनिक सुधार और सुशासन के क्षेत्र में रायपुर जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हुई है।
रायपुर: रायपुर जिले के कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह को “सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी 2026” श्रेणी में देश के शीर्ष 100 कलेक्टर्स में शामिल किया गया है। उत्कृष्ट प्रशासन, नवाचार और जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया।

इस उपलब्धि की जानकारी रायपुर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से साझा की गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने डॉ. सिंह को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

सरकारी योजनाओं की निगरानी पर विशेष जोर दियाडॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिले में कई उल्लेखनीय कार्य किए गए हैं। प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल सेवाओं को विस्तार दिया गया, जिससे आम नागरिकों को विभिन्न प्रमाणपत्रों और शासकीय सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सका। जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण, जनदर्शन के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं के समाधान और सरकारी योजनाओं की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।

स्वच्छता अभियानों को भी प्रशासन ने सक्रिय रूप से आगे बढ़ायाइसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में भी कई प्रभावी पहलें की गईं। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, स्कूलों के उन्नयन, स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन और महिला स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन देने जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई। रायपुर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता अभियानों को भी प्रशासन ने सक्रिय रूप से आगे बढ़ाया।

Fame India & Asia Post द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान Fame India & Asia Post द्वारा प्रदान किया गया है। Fame India, जिसका पूरा नाम “Foundation for Accelerated Mass Empowerment (FAME)” है, एक निजी संस्था है जो समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करती है। Asia Post इसके मीडिया नेटवर्क के रूप में इस तरह के पुरस्कारों को देशभर में प्रचारित करता है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह पुरस्कार सरकारी रैंकिंग या UPSC/भारत सरकार की आधिकारिक सूची का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह निजी संस्था द्वारा प्रशासनिक उत्कृष्टता और सामाजिक योगदान को मान्यता देने का प्रयास है।







