नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) शेयर बाजार के नियमों में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रहा है। इसका उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना, निवेशकों के हितों की रक्षा करना और कारोबार को अधिक सुगम बनाना है। SEBI के चेयरमैन तुहिन कांता पांडेय ने 24 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में नियामकीय सुधारों से जुड़ी कई योजनाओं की जानकारी दी।
AI के इस्तेमाल के लिए बनेंगे दिशा-निर्देश
शेयर बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए SEBI जिम्मेदार AI उपयोग के लिए दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है। इसके साथ ही AI आधारित नए टूल्स के परीक्षण के लिए AI सैंडबॉक्स विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे नई तकनीकों को नियंत्रित वातावरण में परखने और उनसे जुड़े जोखिमों को समझने में मदद मिलेगी।
शॉर्ट सेलिंग के नियमों की होगी समीक्षा
SEBI शॉर्ट सेलिंग और सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग (SLB) के मौजूदा ढांचे की समीक्षा कर रहा है। इसका उद्देश्य शेयर बाजार में तरलता बढ़ाना और शेयरों की कीमतों का बेहतर निर्धारण सुनिश्चित करना है। हालांकि, इन नियमों में बदलाव को लेकर अभी अंतिम निर्णय और विस्तृत समयसीमा घोषित नहीं की गई है।
ब्रोकरों के लिए भी बदल सकते हैं नियम
नियामक शेयर ब्रोकरों के आकार, ग्राहकों की संख्या और तकनीक पर निर्भरता के आधार पर अनुपालन संबंधी नियमों को अलग-अलग स्तरों पर निर्धारित करने पर विचार कर रहा है। साथ ही, ट्रेडिंग टर्मिनलों के संभावित दुरुपयोग को रोकने और साइबर सुरक्षा मजबूत करने के उपाय भी किए जा रहे हैं।
SEBI कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में कारोबार बढ़ाने और नियामकीय प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। इन प्रस्तावित सुधारों का व्यापक उद्देश्य भारतीय पूंजी बाजार को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।
महत्वपूर्ण: ये बदलाव फिलहाल समीक्षा और तैयारी के विभिन्न चरणों में हैं। निवेशकों को किसी भी नए नियम को लागू मानने से पहले SEBI की आधिकारिक अधिसूचना देखनी चाहिए।







