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Retired professors’ protest continues for the 19th day, पेंशन प्रकरणों के ऑडिट पर लेखानियंत्रक कार्यालय घेराव का ऐलान



17 अगस्त से प्रतिदिन लेखानियंत्रक कार्यालय का घेराव, 15 अगस्त को ध्वजारोहण के साथ आंदोलन का संकल्प

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापकों की लंबित पेंशन संबंधी मांगों को लेकर संघ का क्रमिक धरना लगातार 19वें दिन भी जारी है। संघ का आरोप है कि लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद पेंशन प्रकरणों के निराकरण में तेजी नहीं आ रही है, जिसके चलते सेवानिवृत्त प्राध्यापकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

संघ के अनुसार, बड़ी संख्या में पेंशन प्रकरण लेखानियंत्रक कार्यालय में लंबित हैं। संघ ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से सेवानिवृत्त प्राध्यापकों में नाराजगी है।

पेंशन नियमों की अनदेखी का आरोप

संघ ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय अधिनियम, 1987 के तहत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन एवं अन्य देयताओं का प्रावधान है, लेकिन पेंशन प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक देरी की जा रही है। संघ का कहना है कि कुछ मामलों में लेखानियंत्रक कार्यालय द्वारा ऑडिट के लिए प्रकरण भेजे जा रहे हैं, जबकि पूर्व में कुछ प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है।

संघ ने मांग की है कि लंबित पेंशन प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए और सेवानिवृत्त प्राध्यापकों को उनके वैधानिक पेंशन अधिकार समय पर उपलब्ध कराए जाएं।

17 से प्रतिदिन घेराव की चेतावनी

संघ ने निर्णय लिया है कि यदि सोमवार, 17 अगस्त 2026 तक लंबित पेंशन प्रकरणों के ऑडिट के मुद्दे का समाधान नहीं किया गया तो लेखानियंत्रक कार्यालय का प्रतिदिन घेराव किया जाएगा। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों के समाधान तक आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से जारी रखा जाएगा।

ध्वजारोहण के बाद होगा आंदोलन का संकल्प

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को सुबह 8:30 बजे धरना स्थल पर ध्वजारोहण किया जाएगा। इसके बाद आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। संघ ने कहा कि पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण सहित अन्य मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।

संघ ने सेवानिवृत्त प्राध्यापकों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि लंबित पेंशन प्रकरणों के समाधान तक शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा।

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