मुख्य आरोपी राजेश अग्रवाल खुद को महावीर ट्रांसपोर्ट और चंदगीराम कोल्ड स्टोरेज से जुड़ा बड़ा कारोबारी बताकर व्यापारियों के संपर्क में आया
रायपुर। राजधानी रायपुर के आठ शक्कर कारोबारियों से करीब 2 करोड़ 1 लाख 36 हजार 633 रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में नया मोड़ आ गया है। रायगढ़ के कालिंदी कुंज निवासी राजेश कुमार अग्रवाल और उनके पुत्र शैलेश अग्रवाल की अग्रिम जमानत याचिका रायपुर की सत्र अदालत ने खारिज कर दी है। उधर, 14 जून 2026 को दर्ज एफआईआर के बाद भी दोनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और उनकी तलाश जारी है।

खमतराई थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5), 318(4) और 60(1) के तहत अपराध दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार, राजेश अग्रवाल ने खुद को महावीर ट्रांसपोर्ट और चंदगीराम कोल्ड स्टोरेज से जुड़ा बड़ा कारोबारी बताकर रायपुर के शक्कर व्यापारियों से संपर्क किया। आरोप है कि उसने रायपुर के एक होटल में व्यापारियों के साथ बैठकें कर अपने मजबूत कारोबार और आर्थिक स्थिति का भरोसा दिलाया तथा कहा कि माल मिलने के तीन-चार दिन के भीतर पूरा भुगतान कर दिया जाएगा।

कई कारोबारियों ने उसे बड़ी मात्रा में शक्कर उधार में भेज दीपुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी राजेश कुमार अग्रवाल खुद को महावीर ट्रांसपोर्ट और चंदगीराम कोल्ड स्टोरेज से जुड़ा बड़ा कारोबारी बताकर व्यापारियों के संपर्क में आया। उसने रायपुर में ठहरकर कई व्यापारियों से मुलाकात की और दावा किया कि उसका कारोबार मजबूत है तथा माल की आपूर्ति के तीन-चार दिन के भीतर पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। उसकी बातों और व्यापारिक साख पर भरोसा कर कई कारोबारियों ने उसे बड़ी मात्रा में शक्कर उधार में भेज दी।

सुनियोजित धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैंशिकायत के मुताबिक, शुरुआत में आरोपियों ने कुछ भुगतान कर व्यापारियों का विश्वास बनाए रखा, लेकिन बाद में करोड़ों रुपये का बकाया रोक लिया। जब व्यापारियों ने लगातार भुगतान की मांग की तो पहले बहाने बनाए गए, फिर फोन उठाना बंद कर दिया गया। आरोप है कि व्यापारियों के मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिए गए और जिस व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से कारोबार होता था, उससे भी आरोपी बाहर हो गए। इसके बाद व्यापारियों को एहसास हुआ कि वे सुनियोजित धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं।


सामूहिक रूप से खमतराई थाने में शिकायत दर्जपीड़ित कारोबारियों ने सामूहिक रूप से खमतराई थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने एक ही तरीके से आठ अलग-अलग व्यापारियों से कुल 2.01 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की शक्कर लेकर भुगतान नहीं किया। शिकायतकर्ताओं में राजधानी ट्रेडर्स के नितेश जैन, आरके बंसल एंड कंपनी के रूपक अग्रवाल, केएच शुगर के धीरज धुप्पड़, वर्धमान ट्रेडिंग, अंबिकापुर के अंकित कुमार तायल, तुलश्यन ट्रेडर्स के मदनलाल अग्रवाल, भगवानदास भोजराज के अमित छाबड़िया, बालाजी गुड्स के प्रकाश अग्रवाल तथा सिंघल प्रोविजन के राजेश अग्रवाल शामिल हैं। इनमें सबसे अधिक करीब 46.21 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी वर्धमान ट्रेडिंग के साथ होना बताई गई है।

मामले ने प्रदेश के शक्कर कारोबारियों में चिंता बढ़ा दीपुलिस का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। लेन-देन से जुड़े दस्तावेज, बिल, बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। आरोपियों की तलाश भी जारी है। इस मामले ने प्रदेश के शक्कर कारोबारियों में चिंता बढ़ा दी है। व्यापारिक संगठनों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं के बाद बड़े लेन-देन में दस्तावेजी सुरक्षा और भुगतान व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतना जरूरी हो गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।








