मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. समीर पांडे ने किया ज्वाइन, उपचार आधुनिक सर्जिकल तकनीकों से किया गया

हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) में अब पहली बार टूटे हुए जबड़े की जटिल सर्जरी (मैक्सिलोफेशियल सर्जरी) की सुविधा शुरू हो गई है। हाल ही में मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. समीर पांडे के ज्वाइन करने के बाद से अब तक सड़क दुर्घटनाओं में घायल सात मरीजों के जबड़े का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है।
डॉक्टरों के अनुसार, इन मरीजों का उपचार आधुनिक सर्जिकल तकनीकों से किया गया। सबसे पहले एक्स-रे और सीटी स्कैन के माध्यम से चोट की गंभीरता का आकलन किया गया, जिसके बाद मरीजों को एनेस्थीसिया देकर सर्जरी की गई। ऑपरेशन के दौरान टूटे जबड़े की हड्डियों को सही स्थिति में लाकर प्लेट, स्क्रू और अन्य इम्प्लांट्स की मदद से स्थिर किया गया, जिससे हड्डियां सही तरीके से जुड़ सकें।

अस्पताल प्रबंधन अब दंत रोग विभाग में सुविधाओं के विस्तार की दिशा में काम कर रहा है। पहले यहां केवल ओपीडी सेवाएं, दांतों की सफाई और सामान्य उपचार ही उपलब्ध थे, जबकि गंभीर मामलों में मरीजों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता था। अब यह सुविधा एसटीएच में उपलब्ध होने से मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकेगा।
डॉ. समीर पांडे ने बताया कि सर्जरी के बाद मरीजों को विशेष देखभाल के तहत रखा जाता है, जिसमें नरम आहार, दवाइयां और नियमित फॉलो-अप शामिल हैं।
एसटीएच के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि मरीजों को जबड़े के इम्प्लांट निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं और विभाग में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के प्रयास भी जारी हैं। नई सुविधा से खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।







