53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया
राजनांदगांव। ग्लासगो (स्कॉटलैंड) में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में छत्तीसगढ़ की अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। उनकी यह सफलता वर्षों की मेहनत, परिवार के त्याग और पिता दीपक यादव के संघर्ष की कहानी बयां करती है।
ज्ञानेश्वरी की खेल यात्रा राजनांदगांव की जय भवानी व्यायामशाला से शुरू हुई थी। उनके पिता दीपक यादव खुद बॉडी बिल्डिंग से जुड़े थे और बेटी की प्रतिभा को पहचानते हुए उन्होंने उसे वेटलिफ्टिंग की ओर प्रेरित किया। सातवीं कक्षा से शुरू हुआ बारबेल का सफर आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए पदक जीतने तक पहुंच गया है
पिता ने आर्थिक कठिनाइयों के बीच दिया साथ
ज्ञानेश्वरी के परिवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक स्थिति थी। पिता दीपक इलेक्ट्रिशियन का काम कर सीमित आय में परिवार चलाते थे। इसके बावजूद उन्होंने बेटी की डाइट, प्रशिक्षण, किट और प्रतियोगिताओं के खर्च में कभी कमी नहीं आने दी। कई बार परिवार ने अपनी जरूरतों को टालकर ज्ञानेश्वरी के सपनों को प्राथमिकता दी।
दीपक रोजाना गांव से राजनांदगांव तक करीब 8 किलोमीटर साइकिल चलाकर बच्चों को अभ्यास के लिए लेकर आते थे। मेहनत और संघर्ष के इसी दौर ने ज्ञानेश्वरी को मजबूत बनाया।
कम उम्र में बनाई अंतरराष्ट्रीय पहचान
ज्ञानेश्वरी ने वर्ष 2022 में ग्रीस में आयोजित जूनियर विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की। वर्ष 2023 में कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जूनियर और सीनियर दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके बाद उन्होंने लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कई उपलब्धियां हासिल कीं।
जन्मदिन और खुशियों से ज्यादा चुना अभ्यास
ज्ञानेश्वरी के पिता के अनुसार, बेटी ने अपने लक्ष्य के लिए सामान्य जीवन की कई खुशियों का त्याग किया। दोस्तों के साथ समय बिताने से लेकर पारिवारिक आयोजनों तक, उनका पूरा ध्यान प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं पर रहा। यही अनुशासन आज उनकी सफलता की सबसे बड़ी ताकत बना है।
लगातार बढ़ता गया पदकों का सफर
- 2022: जूनियर विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- 2023: कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में जूनियर और सीनियर वर्ग में स्वर्ण
- 2023: एशियन यूथ एवं जूनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में रजत पदक
- 2024: विश्व चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व
- 2025: राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक
- 2026: एशियाई सीनियर वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में पदक
- 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक
ज्ञानेश्वरी यादव की यह उपलब्धि केवल एक खिलाड़ी की जीत नहीं, बल्कि एक परिवार के वर्षों के संघर्ष, विश्वास और समर्पण का सम्मान है। उनकी सफलता छत्तीसगढ़ के हजारों युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन गई है।






