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मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल परियोजना अंतिम चरण की ओर, आधुनिक इंजीनियरिंग और सुरक्षा तकनीकों की दी गई जानकारी

कालूपुर स्टेशन पर बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति से रूबरू हुए छत्तीसगढ़ के पत्रकार

बुलेट ट्रेन परियोजना की प्रगति

  • कुल लंबाई: 508 किमी
  • 357 किमी वायाडक्ट, 452 किमी पियर तैयार
  • 17 नदी पुल, 14 स्टील पुल, 5 पीएससी पुल पूर्ण
  • 6 लाख+ नॉइज बैरियर स्थापित
  • 212 किमी ट्रैक बेड, 8,900+ ओएचई मस्त तैयार
  • 12 स्टेशन निर्माणाधीन, गुजरात के 8 स्टेशनों पर फिनिशिंग कार्य जारी

अहमदाबाद, 20 जुलाई। गुजरात अध्ययन दौरे पर आए छत्तीसगढ़ के पत्रकारों ने सोमवार को अहमदाबाद के कालूपुर रेलवे स्टेशन पहुंचकर मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना के निर्माण कार्यों का अवलोकन किया। इस दौरान एनएचएसआरसीएल के उप मुख्य परियोजना प्रबंधक मनोज गुप्ता ने परियोजना की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि 508 किमी लंबी परियोजना में अब तक 357 किमी वायाडक्ट और 452 किमी पियर का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा 17 नदी पुल, 14 स्टील पुल और 5 पीएससी पुल तैयार किए जा चुके हैं। ध्वनि प्रदूषण कम करने के लिए 297 किमी मार्ग पर छह लाख से अधिक नॉइज बैरियर लगाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि 212 किमी ट्रैक बेड, 200 किमी ट्रैक स्लैब तथा 8,900 से अधिक ओएचई मस्त तैयार हो चुके हैं। गुजरात की पर्वतीय सुरंग पूरी हो गई है, जबकि महाराष्ट्र में तीन सुरंगों का ब्रेकथ्रू हो चुका है।

परियोजना के सभी 12 स्टेशनों पर निर्माण जारी है। गुजरात के आठ स्टेशनों पर फिनिशिंग कार्य चल रहा है। जापानी शिंकानसेन तकनीक आधारित सुरक्षा प्रणाली, आधुनिक सिग्नलिंग और भूकंप के दौरान ट्रेन को स्वतः रोकने वाली व्यवस्था भी परियोजना का हिस्सा है।

दौरे के दौरान पत्रकारों ने निर्माण कार्य, गुणवत्ता नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना देश के परिवहन ढांचे को नई दिशा देने के साथ भारत को हाई स्पीड रेल तकनीक में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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