रायपुर, 29 जुलाई 2026। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी), रायपुर में सेवानिवृत्त पेंशन संघ का लंबित पेंशन, महंगाई राहत (डीए) एवं अन्य वैधानिक देयों के भुगतान की मांग को लेकर क्रमिक धरना और सत्याग्रह तीसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलनरत पेंशनरों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर वर्षों से लंबित मामलों का समाधान नहीं करने का आरोप लगाया।
गुरुवार को संघ के अध्यक्ष डॉ. एन.के. चौबे तथा सेवानिवृत्त संचालक अनुसंधान एवं पूर्व कुलपति (असम कृषि विश्वविद्यालय) डॉ. एस.एस. बघेल ने कुलपति डॉ. विनीश चंदेल से मुलाकात कर लंबित पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की मांग की।
बैठक के दौरान कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन पेंशन मामलों का निपटारा करना चाहता है, लेकिन संबंधित फाइलें लेखानियंत्रक के नियंत्रण में हैं। उनका कहना था कि लेखानियंत्रक फाइलों को अलमारी में बंद कर अवकाश पर चली गई हैं, जिससे प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
इस बीच डॉ. एस.एस. बघेल ने दूरभाष पर राज्यपाल कार्यालय से संपर्क कर माननीय राज्यपाल से पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए समय भी मांगा।
हालांकि, सेवानिवृत्त पेंशन संघ ने कुलपति के इस जवाब पर असंतोष जताया। संघ का कहना है कि पिछले करीब दो वर्षों से उन्हें इसी तरह के आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक लगभग 40 सेवानिवृत्त प्राध्यापकों एवं वैज्ञानिकों के पेंशन, महंगाई राहत और अन्य वैधानिक देयों का भुगतान नहीं हो सका है।

संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी वैधानिक और न्यायोचित मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक क्रमिक धरना और सत्याग्रह जारी रहेगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि इस सप्ताह के भीतर लंबित मामलों का निराकरण नहीं हुआ, तो अगले सप्ताह से आंदोलन को और तेज करते हुए क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।






