प्राणवानन्द अकादमी ने मनाया 30वाँ स्थापना दिवस
नई प्राचार्या डॉ. निती सिंह यादववंशी ने संभाला पदभार, स्वास्थ्य शिविर और छात्र मंत्रिमंडल का हुआ गठन
रायपुर। प्राणवानन्द अकादमी में शुक्रवार को 30वाँ स्थापना दिवस एवं बुद्धानन्द स्वामी जी का तिरोधान दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर डॉ. निती सिंह यादववंशी ने विद्यालय की नई प्राचार्या के रूप में पदभार ग्रहण किया। साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र मंत्रिमंडल का गठन किया गया और आईएलएस हॉस्पिटल के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन भी किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं वैदिक मंगलाचरण के साथ हुआ। विद्यालय के सचिव-सह-रेक्टर ब्रह्मचारी अरुणव महाराज ने डॉ. निती सिंह यादववंशी का औपचारिक स्वागत किया। अपने संबोधन में नई प्राचार्या ने कहा कि उनका उद्देश्य मूल्यपरक शिक्षा को शैक्षणिक उत्कृष्टता और चरित्र निर्माण के साथ जोड़कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम में अकादमी के अध्यक्ष स्वामी शिवरूपानन्द जी महाराज ने 30 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए संस्था की संस्कारयुक्त और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। ब्रह्मचारी अरुणव महाराज ने भी विद्यार्थियों को अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व से अवगत कराया।
इस अवसर पर आयोजित इन्वेस्टिचर सेरेमनी में नवगठित छात्र मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई गई। कक्षा 12 के हर्ष शुक्ला ने हेड बॉय तथा अविका गुरूंग ने हेड गर्ल के रूप में पदभार ग्रहण किया। छात्र पदाधिकारियों को बैज एवं सैश प्रदान किए गए।
विद्यालय परिसर में आईएलएस हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों और शिक्षकों का सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र परीक्षण तथा दंत परीक्षण किया गया। चिकित्सकों ने स्वच्छता, संतुलित आहार, नेत्रों की देखभाल और मौखिक स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
प्राचार्या डॉ. निती सिंह यादववंशी ने कहा कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण विद्यार्थियों और शिक्षकों के बेहतर स्वास्थ्य तथा रोगों की प्रारंभिक पहचान के लिए अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने आईएलएस हॉस्पिटल की चिकित्सक टीम का आभार व्यक्त किया। विद्यालय परिवार ने इस आयोजन को शिक्षा, संस्कार और स्वास्थ्य के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।







